सरकार अब किसानों के हितों को प्राथमिकता से हल करने को प्रयासरत् -कृषि मंत्री

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देहरादून (जि.सू.का)- वीर शिरोमणी स्व माधो सिंह भण्डारी किसान भवन में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में निदेशक मण्डल तराई बीज विकास निगम की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कृषि मंत्री ने अवगत कराया कि टीडीसी को पिछले दशक से 50 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार अब किसानों के हितों को प्राथमिकता से हल करने को प्रयासरत् है। उन्होंने जानकारी दी कि किसानों को अब आधारीय बीज उत्पादन पर प्रतिकुन्तल 350/-रू0 तथा प्रमाणित बीज उत्पादन पर 200/- एमएसपी की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जायेगी और किसानों के अवशेष धनराशि पर बैंक दर 11.5 प्रतिशत् का भुगतान किया जायेगा।  उन्होनें बताया कि गुजरात राज्य के साथ आगामी 5 वर्षों के लिए 25 हजार कुन्तल गेंहू प्रमाणिक बीज उपलब्ध कराने हेतु एमओयू कर लिया गया है, इसके अलावा बिहार राज्य बीज प्रमाणिक के साथ 50 हजार कुन्तल गेंहू बीज के के लिए एमओयू की तैयारी टीडीसी द्वारा की जा रही है। उन्होनें बताया कि आधारीय बीज उत्पादन हेतु टीडीसी, कृषि तथा पंतनगर विश्वविद्यालय  द्वारा आपसी समन्वय बनाकर राज्य की आर्थिकी को सुदृढ बनाया जायेगा, बैठक में कृषि मंत्री ने बताया कि गुजरात  एग्रोटैक लि0, छत्तीसगढ एवं हिमाचल राज्यों को टीडीसी के माध्यम प्रमाणिक बीजों की आपूर्ति की जायेगी। उन्होंने बताया कि टीडीसी की कार्य संस्कृति  बदलने के लिए कर्मचारियों की छटनी एवं अनिवार्य सेवानिवृत्ति के साथ ही कुशल क्रमियों की मदद से बीज उत्पादन कार्य में तेजी लाई जायेगी।
बैठक में जानकारी देते हुए प्रबन्धन निदेशक/जिलाधिकारी उधमसिंह नगर  नीरज खैरवाल ने बताया कि अब किसानों को मांग के अनुसार प्रमाणिक बीज वितरण किया जायेगा। उन्होंने बैठक में पूर्व में आयोजित निदेशक मण्डल की बैठक की कार्यवृत्त, कम्पनी अधिनियम की धारा 175 के प्राविधानों का परिसंचरण, निदेशक की नियुक्ति, बैठक में लिये गये निर्णयों की अनुपालन आख्या प्रमाणिक बीज उत्पादन, बिजनेस एसोसियेट नियमावली संशाधन निगम के बीज व्यवसाय बढाये जाने के क्रियाकलापों , बीजों के विधायन, अन्तःग्रहण एवं भण्डारण कार्यों के अलावा एनएफएल द्वारा एमओयू कराये जाने के सम्बन्धी गतिविधियों की जानकारी भी दी। उन्होनें कहा कि टीडीसी को घाटे से उभारने के लिए भटकोटा, खटीमा एवं हल्द्वानी के आवासीय भवनों का किराया निर्धारित किया जायेगा। इस अवसर पर बीज विधायन संयत्र भटकोटा के गोदामों व कार्यालय भवन तथा धर्मकांटे को आगामी 3 वर्षों पर दिये जाने की सैद्धान्तिक सहमति मंत्री जी से प्राप्त की। उन्होंने बताया कि बीज उत्पादन को चरणबद्ध रूप से बदलाये जाने के लिए आगामी वर्षों में आधारीय एवं प्रमाणित बीजों का उत्पादन बढाने हेतु प्रजनक बीजों की उपलब्धता हेतु आवश्यक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य विपणन एवं संयुक्त मुख्य विपणन अधिकारी को संविदा में रखे जाने हेतु पुनः विज्ञापन जारी किया जायेगा। इसके अतिरिक्त टीडीसी में कार्यरत रामस्वरूप उर्फ शिवकुमार गौतम के मामलें में जांच कर चार्जशीट जारी कर दी गई है। इस अवसर पर निगम को हुए घाटे से उबारने के लिए उत्तराखण्ड शासन से धनराशि  प्राप्त करने की औपचारिक स्वीकृति भी निदेशक मण्डल की ओर से शासन को भेजे जाने पर सहमति बनी।
बैठक में यमुनोत्री के विधायक केदारसिंह रावत, सचिव पेयजल एवं लिंक अधिकारी अरविन्द सिंह हंयाकी, अपर सचिव वित्त भूपेश तिवारी, वित्त नियंत्रक एवं मुख्य कोषाधिकारी उधमसिंहनगर भूपेन्द्र कांडपाल, मुख्य कृषि अधिकारी अभय सक्सेना, सुदेश शर्मा, पंतनगर विश्वविद्यालय से के.सी पाठक, निदेशक मंण्डल पृथ्वीपाल सिंह, समर्पण तनेजा सहित कृषि, उद्यान तथा टीडीसी के मुख्य कार्यधिकारी दीपक पाण्डेय उपस्थित थे।

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