त्रिवेन्द्र सरकार ने दिया सैनिकों तथा पूर्व सैनिकों को नवरात्री का उपहार

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देहरादूनः-राज्य की डबल इंजन सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों को दीपावली पूर्व नवरात्र भेंट दी है। सैनिकों की धरती उत्तराखण्ड में प्रत्येक पांचवा व्यक्ति सेना से या सैन्य परिवारों से ताल्लुक रखता है। मुख्यमंत्री रावत ने सैन्य परिवारों को आवास शुल्क में दी जाने वाली छूट को सीधे परिवारों को दिए जाने का एतिहासिक फैसला लेते हुए आज यह घोषणा की है।
सैनिकों की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाने वाले स्वयं पूर्व सैनिक तथा वर्तमान में मसूरी विधायक गणेश जोशी ने बताया कि लम्बे समय से सैनिकों तथा पूर्व सैनिकों की यह मांग उनके सामने विभिन्न सैनिक कार्यक्रमों में उठती रही है। आज उनके द्वारा मुख्यमंत्री महोदय के समक्ष सैनिकों की इस मांग को रखा जिसे सैनिक पृष्ठभूमि वाले लोकप्रिय मुख्यमंत्री महोदय ने एक बार में ही स्वीकृति प्रदान कर दी है।
विधायक जोशी ने बताया कि राज्य में निवासरत सैनिकों / पूर्व सैनिकों को आवास शुल्क में जो छूट प्रावधानित है वह सीधे प्राप्त होने के स्थान पर पहले नगर निगम में जमा की जाती है उसके उपरांत सैनिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से वापस की जाती है। जो कि बेहद लम्बी प्रक्रिया है। जिसके कारण दुर्गम सीमांत क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान कर रहे सैनिक भाईयों व उनके परिजनों को बहुत समस्या होती है।
इसी प्रकार सैनिकों द्वारा अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी गई जमीन पर यदि घर बनाया जाता है तो उन्हें आवास शुल्क में छूट का लाभ प्राप्त ही नहीं होता था। मुख्यमंत्री जी द्वारा इस छूट को सीधे सैनिक परिवार को दिए जाने का फैसला लिया है। जो कि लाखों सैनिक परिवारों के लिए खुशी का नयी लहर ले कर आया है।
उन्होंने इस हेतु समस्त सैनिक परिवारों की ओर से मुख्यमंत्री महोदय को कोटि – कोटि धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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