प्रतिमाह प्रगति रिपोर्ट दे आयोग – राज्यपाल

0
5984
Reading Time: 1 minute

 देहरादून (राजभवन)-राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को प्रतिमाह प्रगति आख्या देने के निर्देश दिये हैं। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने मंगलवार को राजभवन में लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों से मुलाकात के दौरान यह निर्देश दिए। अध्यक्ष मे.ज.(से.नि)आनन्द सिंह रावत ने राज्यपाल को वर्ष 2017-18 का वार्षिक प्रतिवेदन सौंपा। राज्यपाल ने राज्य लोक सेवा आयोग की भूमिका को प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने सभी भर्ती प्रक्रियाओं में समय बद्धता और पारदर्शिता के सर्वोच्च मापदण्डों का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा आयोग द्वारा चुने जाने वाले अधिकारी प्रदेश को औसतन 30-35 वर्ष सेवा देते हैं, अतः चयन प्रक्रिया बेहद गुणवत्ता पूर्ण और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने परीक्षाओं के कैलेण्डर मे समयबद्धता का पालन करने के निर्देश भी दिये।
अध्यक्ष, मेजर जनरल(से.नि.) श्री रावत ने राज्यपाल को आयोग द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने वर्तमान भर्ती परीक्षाओं की जानकारी भी दी।
उल्लेखनीय है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 323(2) के अधीन उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा अपना वार्षिक प्रतिवेदन राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।
 इस अवसर पर राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यगण श्री सुमेर चन्द, डा0 छाया शुक्ला, श्री संजय शर्मा, श्री जयदेव सिंह, प्रो0जे0एम0एस0 राणा, डाॅ0 नरेन्द्र सिंह भण्डारी और सचिव श्री आनन्द स्वरूप भी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने दुर्गा अष्टमी की बधाई दी
राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने प्रदेशवासियों को दुर्गा अष्टमी की बधाई व शुभकामनाएँ दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने प्रदेशवासियों के खुशहाल एवं सुखी जीवन के लिए माँ दुर्गा से प्रार्थना करते हुए कहा कि यह पर्व हम सभी को दृढ़ता के साथ सत्य की राह पर चलने एवं अपने जीवन से बुराई का समूल नाश करने की प्रेरणा देता है।
राज्यपाल ने कहा कि यह पर्व मातृ शक्ति के सम्मान से भी जुड़ा है, जिसमें कन्यापूजन का विशेष महत्व होता है। आज बालिकाएँ प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं और अपने घर, परिवार और देश का नाम रोशन कर रही हैं। इस पर्व के अवसर पर हम सभी को महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ ही उनकी शिक्षा और सशक्तिकरण हेतु संकल्प लेना चाहिए।

LEAVE A REPLY