गर्भावस्था के समय अपनायी जाने वाली जरूरी सावधानियां इत्यादि की कांउन्सिलिंग करने के दिये निर्देश

0
6698
Reading Time: 1 minute
देहरादून-विकासभवन सभागार में जिलाधिकारी अधिकारी एस.ए मुरूगेशन की अध्यक्षता में केन्द्रीय पोषित योजना ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’’ एवं महिला शक्ति केन्द्र के क्रियान्वयन के लिए एक्शन प्लान एवं जिला टास्कफोर्स समिति की बैठक आयोजित की गयी।
बैठक की शुरूआत में जिला कार्यक्रम अधिकारी क्षमा बहुगुणा ने ओवरहैण्ड प्रोजेक्टर के माध्यम से ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’’ नन्दा गौरा देवी योजना , प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना,  जननी सुरक्षा योजना इत्यादि योजनाओं की प्रगति और जनपद में संचालित की गयी विभिन्न गतिविधियों का प्रेजेन्टेशन दिया।
जिलाधिकारी ने बाल सरंक्षण और बेटी बचाओ अभियान से जुड़े बाल विकास, प्राथमिक शिक्षा, चिकित्सा, पंचायत और पुलिस विभाग के अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करते हुए समय-समय पर योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु जनपद व विकासखण्ड स्तर पर आपसी समन्वय बैठक करते हुए कार्य करने के निर्देश दिये, साथ ही सम्बन्धित विभागों को अपने स्तर पर व्यक्तिगत स्तर से भी प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी विभागों को बेटी के गर्भ में आने से लेकर जन्म तक और उसके पश्चात बालिका सरंक्षण, शिक्षा, उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के साथ ही हर तरह के लैंगिक भेदभाव समाप्त करने और ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के समुचित पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, गर्भावस्था के समय अपनायी जाने वाली जरूरी सावधानियां इत्यादि की कांउन्सिलिंग करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने विशेष दिवसों के अवसर पर बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक अवधारणा बढाने के लिए ब्राण्ड अम्बेसडर नियुक्त करने, टैलेन्टेड अवार्ड, बेटियों के गोद लेने वालों को पुरस्कृत करने, बेटियों के जन्म पर वृक्षारोपण करने, गर्भधारण की शुरूआत में ही पंजीकरण को बढावा देते हुए संस्थागत प्रसव की दर बढाने , गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य , स्वच्छता, पोष्टिक आहार लेने के प्रति जागरूक करने के साथ ही महिला अधिकारों को बढावा देने वाले कानूनों के स्लोगन को वाॅल पेन्टिंग्स, वाट्सएप्प ग्रुप, ब्रोशर्स, प्रदर्शनी, नुक्कड़- नाटक, सांस्कृतिक दलों के साथ ही महिला व युवा स्वयं सहायता समूह व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा अधिक-से-अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य और बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद मे ंमहिला के गर्भ धारण करने से लेकर बालिका के जम्म तक का सही विवरण प्राप्त करने के लिए टेªकिंग सिस्टम और सूचना तन्त्र को मजबूत करें और प्रथम स्टेज के पंजीकरण और तृतीय स्तर के आंकड़ों का मेल करें। आंकड़ों में विरोधाभास होने पर सम्बन्धित आशा, एएनएम, एनएम, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की जिम्मेदारी तय करें और इसके लिए समय-समय पर फिल्ड में औचक निरीक्षण भी करें ताकि फिल्ड के कार्मिक पंजीकरण इत्यादि में किसी प्रकार की हेराफेरी ना कर सकें। उन्होंने जिला शिक्षाधिकारी बेसिक को निर्देशित किया कि स्कूलों से ड्रापआउट होने वाली बालिकाओं के अभिभावकों की काउंसिलिंग करें और उन कारणों को जाने जिस कारण बालिकाओं का स्कूलों में ड्रापआउट होता है और उसे रोकने के तत्काल कदम उठायें। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी निर्देश दिये कि बालिकाओं के सशक्तिकरण और  संरक्षण के लिए ओवरआॅल कार्ययोजना के अनुसार कार्य करें। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर दी जाने वाली बाल कल्याण सुविधाओं का सही से लाभ दिलवायें, केन्द्रों पर गुड्डा-गुड्डी बोर्ड, वजन व प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण इत्यादि व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने ड्राफ्ट आउट किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलवाने और विद्यालयों में वाॅल पेन्टिंग गतिविधियों को बढावा देने के लिए शिक्षा अधिकारी से समन्वय करते हुए कार्य करने के भी निर्देश दिये।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत, जिला पंचायतीराज अधिकारी एम जफर खान, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ के.के सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक हेमलता भट्ट, जनपद के सभी सीडीपीओ, पुलिस सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी/कार्मिक उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY