केजरीवाल पर फेंका गया मिर्च पाउडर

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नयी दिल्ली, 20 नवंबर (भाषा) दिल्ली सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय के बाहर एक व्यक्ति ने मंगलवार को उनपर लाल मिर्च का पाउडर फेंका। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस हमले को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया और कहा कि मुख्यमंत्री पर हमले के लिए भाजपा ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर साजिश रची।
घटना के लिए जिम्मेदार अनिल कुमार शर्मा नाम के शख्स को पकड़ लिया गया।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा की ‘‘ओछी चाल’’ के आगे उनकी पार्टी नहीं झुकेगी।
पुलिस ने बताया कि नारायणा निवासी शर्मा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
आप ने हमले के लिए भाजपा को कसूरवार ठहराया है जबकि भगवा पार्टी के दिल्ली प्रमुख मनोज तिवारी ने कहा कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इसे कोई भी सही नहीं ठहरा सकता। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच का आह्वान किया।
अधिकारियों ने बताया कि शर्मा ने मुख्यमंत्री को निशाना बनाकर पाउडर फेंका। मुख्यमंत्री चश्मा लगाते हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री का चश्मा टूट गया लेकिन ऐसा लग रहा है कि उनकी आंखों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि शर्मा का आधार कार्ड बरामद किया गया है। वह खैनी के पैकेटों में मिर्च का पाउडर लेकर सचिवालय आया था। केजरीवाल पर मिर्च पाउडर फेंकने के बाद शर्मा ने धमकी दी कि जेल से बाहर आकर वह उन्हें गोली मार देगा ।
एक अधिकारी ने बताया कि यह हमला तब हुआ जब केजरीवाल तीसरे माले पर स्थित अपने कक्ष से भोजन करने के लिए निकले थे।
घटना के वक्त केजरीवाल के बगल में खड़े आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री केजरीवाल पर हमले के वक्त वह उनके बगल में थे। यह सुरक्षा में गंभीर चूक है।
उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री का चश्मा गिर गया। सुरक्षा में यह गंभीर खामी है। सोचिए अगर हमलावर के हाथ में कोई खतरनाक हथियार होता तो क्या होता ।
सिसोदिया ने संवाददाताओं से कहा कि हैरानी की बात है कि उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में यह हमला हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘हाल में भाजपा के दिल्ली प्रमुख मनोज तिवारी सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन के दौरान मंच के पास पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री पर हमले की साजिश में भाजपा दिल्ली पुलिस के साथ मिली हुई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम भाजपा की ऐसी ओछी चालों से नहीं झुकने वाले।’’
आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने इस हमले के लिए भाजपा पर आरोप लगाया।
भारद्वाज के मुताबिक, हमला मुख्यमंत्री के कार्यालय के बाहर हुआ जो एक ‘उच्च सुरक्षा’ वाला क्षेत्र है। उन्होंने इसे एक गंभीर मामला और हमले को ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया।
दिल्ली भाजपा के प्रमुख ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को ‘बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और न ही कोई इसे सही ठहरा सकता है। तिवारी ने कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
केजरीवाल के करीबी अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस पर उन्हें कम सुरक्षा देने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महीने से भी कम अवधि में तीसरी बार केजरीवाल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
आप ने आरोप लगाया कि इस महीने की शुरूआत में सिग्नेचर ब्रिज के उद्धाटन समारोह में तिवारी ने केजरीवाल पर पानी की बोतलें फेंकी थी।
भारद्वाज ने कहा, ‘‘दशहरे के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति केजरीवाल के आवास में घुस गया था और उसने मुख्यमंत्री पर हमला करने का प्रयास किया था।’’
बाद में दिल्ली पुलिस ने जारी एक बयान में कहा कि घटना दो बजकर 25 मिनट पर दिल्ली सचिवालय के तीसरे तल पर हुईं।
बयान में कहा गया, ‘‘मुख्यमंत्री अपने कक्ष से निकल रहे थे, अनिल नाम के व्यक्ति ने उन्हें अपनी अर्जी थमाने का प्रयास किया जिसे मुख्यमंत्री ने कर्मचारी की ओर बढ़ा दिया। ’’
इसी दौरान अनिल पैर छूने के लिए झुका । मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने उसे हटाने का प्रयास किया तब तक केजरीवाल का चश्मा गिर गया।
बयान में कहा गया, ‘‘सुरक्षा कर्मियों ने उसे किनारे कर दिया और उसके हाथ में एक पाउच देखा। यह पाउच फटा हुआ था और इसमें मिर्च का पाउडर था ।’’
बयान में कहा, ‘‘शर्मा किसी कर्मचारी का संदर्भ देकर सचिवालय आया था। आगे पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लिया गया है।’’

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