उत्तराखंड सरकार के स्थायी अधिवक्ता को संविधान दिवस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई द्वारा सम्मान

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उत्तराखंड सरकार द्वारा उच्च न्यायालय में तैनात स्थायी अधिवक्ता सुहास जोशी को संविधान दिवस पर मुख्य न्यायाधीश श्री रंजन गोगोई द्वारा उनकी पुस्तक Sarkar’s Civil Court Practice and Procedure Manual के तेरहवें संस्करण बतौर संशोधन सम्पादक (Revising Editor) “सर्टिफ़िकेट ऑफ़ औनर”(Certificate of Honour) प्राप्त हुआ। इससे पूर्व भी जोशी को यह सम्मान उनकी पुस्तक The MLJ Manual on Constitution of India के लिये मिल चुका है, जो उन्होँने जस्टिस एम एल सिंघल, पूर्व जज इलाहाबाद हाई कोर्ट एवं गौहाटी हाई कोर्ट के साथ बतौर सह-संशोधन सम्पादक (co-revising editor) सम्पादित करी थी। इस पुस्तक की प्रस्तावना जस्टिस ए के पटनायक, पूर्व जज, सर्वोच्च न्यायालय ने लिखी थी। पिछले वर्ष भी जोशी को यह सम्मान उनके द्वारा बतौर सह-संशोधन सम्पादक सम्पादित पुस्तक Law on Industrial Disputes के लिये मिल चुका है। यह पुस्तक उन्होँने जस्टिस एस एस सुब्रमणि, पूर्व जज, मद्रास हाई कोर्ट के साथ बतौर सह-संशोधन सम्पादक सम्पादित करी थी। जोशी लगभग नौ बहुखंडीय पुस्तकों पर कार्य कर चुके हैं, जिनमें से इन तीन पुस्तकों पर उन्हें सम्मान प्राप्त हुआ है। सभी पुस्तकें प्रसिध्द अन्तर्राष्ट्रिय प्रकाशक लेक्सिसनेक्सीस (LexisNexis) द्वारा प्रकाशित हैं। श्री जोशी मूलतः सोमेश्वर निकट ग्राम माला, जिला अल्मोड़ा से हैं।इनकी विद्यालयी शिक्षा बिरला पब्लिक स्कूल, पिलानी, राजस्थान एवं पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार, नैनीताल से हुई। उनकी विश्वविद्यालयि  एवं कानूनी शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से हुई। वे सर्वोच्च न्यायालय में ऐडवोकेट ऑन रिकॉर्ड(Advocate on Record) भी हैं।जोशी प्रसिद्ध इतिहासकार प्रोo एम पी जोशी के पुत्र हैं।

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