उत्तराखंड की कैबिनेट बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय

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उत्तराखंड की कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई। बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों में राज्य कर्मचरियों को सातवें वेतनमान का 6 महीने का बकाया एरियर दिये जाने पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। एरियर बकाये के रूप में 300 करोड़ का आंतरिक्त भार आएगा। बैठक में वित्त मंत्री प्रकाश पंत, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, वन मंत्री हरक सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक आदि मौजूद रहे। कैबिनेट बैठक समाप्ति के बाद शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने पत्रकारों को बताया कि बैठक में 11 फरवरी से 22 फरवरी तक देहरादून में विधानसभा सत्र आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया।
कौशिक ने बताया कि कैबिनेट बैठक में राजकीय अनाथालय में रह रहे अनाथ बच्चों को राज्य में नौकरियों के 5 प्रतिशत क्षेतिज आरक्षण, एक हजार बच्चों को लाभ दिए जाने। उत्तराखंड में भेड़ों की नस्ल सुधार के लिए आस्ट्रेलिया से उच्च श्रेणी की मेरीनो भेड़ आयात किए जाने का निर्णय लिया गया। भेड आयात करने में करीब 6 करोड़ के व्यय का अनुमान है। मंत्री ने बताया केन्द्र एवं राज्य के लिए निर्धारित 90ः10 की राशि में से केन्द्र से 436 करोड़ की धनराशि प्राप्त हो चुकी है कुल 40 नर एवं 200 मादा को शामिल किया जायेगा। राज्य कर्मचरियों को सातवें वेतनमान का 6 महीने का बकाया एरियर दिया जाएगा, 300 करोड़ का आंतरिक्त भार। पैराग्लाइडिंग नियमावाली में संसोधन को मंजूरी दी गई है। प्रशिक्षण मानक में किया गया बदलाव 50 घंटों के बजाय 50 किलोमीटर न्यूनतम मानक निर्धारित किया गया है। केदारनाथ पुनर्निर्माण को लेकर नेशनल जियोग्राफिक पर डाक्यमेंट्री बनेगी डेढ़ करोड़ स्वीकृत। इसका प्रमोशन इनस्ट्राग्राम, फैसबुक, यू-ट्यूब से किया जायेगा। हल्द्वानी मेडिकल कोलेजों में 46 अस्थाई सुपर स्पेशसलिस्ट न्यूरो सर्जन, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी पदों पर सृजन को संस्तुति। पुलिस सेवा नियमवाली में संशोधन, सर्विस प्रमोशन के प्रावधान में संशोधन। सातवें वेतन आयोग की संतुतियों में यात्रा भत्ता की दरों में संसोधन, 5400 ग्रेड पे से नीचे के कर्मियों को प्रदेश मे रुकने और खाने के 500 रुपए प्रतिदिन निर्धारित। स्थानतंरण भत्ता में डिस्टर्बेन्स भत्ता बढ़ाया गया। विदेश यात्रा भत्ता में भारत सरकार के नियम लागू। आवास भत्ता की तीन श्रेणी या 9, 7, 5 निर्धारित की गई। कुल 100 करोड़ रूपये का वार्षिक भारत आंकलित किया गया।