मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया सीएम-डैशबोर्ड का लोकार्पण

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देहरादून 25 दिसम्बर, 2017(सू.ब्यूरो)-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म दिन है। उनके जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। सुशासन दिवस के इस अवसर पर उन्होंने सचिवालय में सीएम डैशबोर्ड का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड से सरकार के कार्यों में पारदर्शिता व गतिशीलता आयेगी। इसके माध्यम से आम जनता तक सरकार की योजनाओं व कार्यों की भी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी तथा जनसेवाओें को पारदर्शिता के साथ लागू करने, व्यवस्थित व सकारात्मक ढ़ंग से लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी
उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड का नाम ‘‘उत्कर्ष’’(UttaraKhand Achieving Results in Systematic and Holistic Way) रखा गया है, नाम के अनुरूप यह अच्छी शुरूआत है, इससे सुशासन की दिशा में उत्तराखण्ड उत्कृष्टता की ओर आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में विकास की असीम संभावनायें है। इन संभावनाओं को धरातल पर उतारने में भी डैशबोर्ड मददगार होगा। उन्होंने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में भी राज्य में व्यापक संभावनायें है। यह साफ्टवेयर यह जानकारी उपलब्ध कराने में मददगार होगा कि जितने फलदार वृक्षों का रोपण हुआ। उनमें कितने जिन्दा रहे तथा उनसे कितना फलोत्पादन हुआ। इससे आंकड़ों की वास्तविक धरातलीय स्थिति ज्ञात हो सकेगी तथा व्यवस्थाओं के सुधार के लिये प्रयास तथा भविष्य की कार्ययोजना बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से विभागों के कार्यकलापों की वास्तविक स्थिति की भी जानकारी मिल सकेगी तथा विभागों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा तथा सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा, इससे हमारी सोच भी परिणामकारी बनेगी तथा उत्तराखण्ड उत्कर्ष की ओर अग्रसर होगा।
मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड उत्तराखण्ड को सुशासन की दिशा में उत्कर्ष की ओर ले जायेगा। विभागों को दिये जाने वाले बजट व भौतिक लक्ष्यों की प्राप्ति, इससे लाभान्वित होने वाली जनता तथा योजनाओं के धरातलीय आंकड़ों की मोनिटरिंग डैशबोर्ड के माध्यम से हो सकेगी। सड़क, परिवहन, पुलिस व जिला प्रशासन को समेकित प्रयासोें से 2020 तक सड़क दुर्घाटनाओं को आधा करना है। इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, लिगांनुपात के अन्तर को कम करने, नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता आदि के पर्यवेक्षण की दिशा में कार्य करने तथा सोच में परिवर्तन लाने की प्रक्रिया में यह डैशबोर्ड मददगार होगा। विभिन्न विभागों के साथ ही जिलों में भी आगे रहने की प्रतिस्पर्धा इसमें रहगी।
सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती राधिका झा ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड में सभी प्रमुख विभागों ने अपनी प्राथमिकतायें बतायी है। इसमें विभागों की रैंकिंग बनायी गई है जिसमें डाटा माहवार रहेगा। विभागीय मिनट्स भी इसमें रखे जायेंगे। विभाग स्वयं अपने कार्यों का मूल्यांकन तथा चुनौतियों को भी चिन्हित कर कार्य करेंगे। सुधार एक सतत प्रक्रिया है। निश्चित ही उत्कर्ष के माध्यम से देवभूमि उत्तरखण्ड की सरकार अपने राज्य वासियों को एक बेहतर भविष्य दिला पायेगा। इस लेकर सभी आशान्वित एवं उत्साहित है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी श्री अभय रावत ने भी सीएम डैशबोर्ड से सम्बन्धित जानकारी उपलब्ध करायी। केएनओवीओएस के सीईओ श्री हरिवदन पाण्ड्या ने सीएम डैशबोर्ड को क्रियान्वयन हेतु टोकन स्वरूप मुख्यमंत्री को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इस डैशबोर्ड का रखरखाव भी 03 साल तक कम्पनी द्वारा किया जायेगा। निदेशक आईटीडीए श्री अमित सिन्हा ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव डाॅ.रणवीर सिंह, श्री ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, श्री आनन्द बर्द्धन, डीजीपी श्री अनिल कुमार रतूड़ी सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
—- डैशबोर्ड क्या है—-
ऽ डैशबोर्ड एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां से सभी कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर एक साथ नजर रखी जा सकती है।
ऽ यानि किस किस योजना की क्या प्रगति है, लोगों को उस योजना का कितना फायदा मिल रहा है, विभाग किस गति से काम कर रहे हैं, किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है…इन तमाम बातों पर मुख्यमंत्री एक ही जगह से नजर रख सकते हैं।
ऽ डैशबोर्ड से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी और विभागों की समयबद्ध समीक्षा हो सकती है।
ऽ सीएम डैशबोर्ड पूरी तरह आईटी पर आधारित होता है… जहां सारे विभाग ऑनलाइन जुड़े होते हैं।
ऽ उत्तराखंड के सीएम डैशबोर्ड को उत्कर्ष नाम दिया गया है।
ऽ उत्कर्ष का पूरा नाम UttaraKhand Achieving Results in Systematic and Holistic Way है।
ऽ जैसा कि इसके नाम से साबित हो रहा है कि यह डैशबोर्ड सेल्फ असेसमेंट के जरिए परिणाम प्राप्त करने का एक माध्यम है।
ऽ अभी इसकी शुरुआत में 14 अलग अलग विभाग इस डैशबोर्ड के साथ जुड़े हैं। भविष्य में अन्य विभागों को भी इसमें शामिल किया जाना है।
ऽ डैशबोर्ड से मुख्यमंत्री पता कर सकते हैं कि, किस विभाग की कौन सी योजना की क्या प्रगति है।
ऽ विभागों और योजनाओं के लिए स्वीकृत बजट में कितना खर्च हुआ है, और कहां कहां खर्च हुआ है।
ऽ डैशबोर्ड से यह भी पता लग सकता है कि, राज्य में मानव विकास सूचकांक, इकोनॉमिक इंडेक्स आदि सूचनाओं की क्या स्थिति है।
ऽ मसलन पेयजल विभाग के तहत कितने घरों में पानी के कनेक्शन दिए गए हैं…कितने घरों में बिजली पहुंच चुकी है।
ऽ कितने स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित है, कितने स्कूलों में छात्र संख्या कम है आदि।
ऽ इसी तरह डैशबोर्ड से यह भी पता चलेगा कि राज्य में कितने बच्चों और कितनी गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हुआ, कितनी महिलाओं का सुरक्षित प्रसव हुआ…कितने लोगों तक जीवनरक्षक दवाएं पहुंच रही हैं..आदि।
ऽ यानि राज्य में योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता को मिल रहा है या नहीं और अगर मिल रहा है तो कहां तक मिला है, यह सब डैशबोर्ड से पता किया जा सकेगा।
ऽ डैशबोर्ड का एक और फायदा ये होगा कि इससे रियल टाइम डेटा जुटाया जाएगा । यह गाउंड लेवल का डेटा जिलों, ब्लॉकों और गांवों से एकत्र डेटा रहेगा. जिसके जरिए अधिकारियों के कार्यों और योजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा हो सकेगी।
ऽ आप जानते हैं, उत्तराखंड की भौगोलिक स्थितियों के कारण कई बार अधिकारियों के साथ एक जगह पर बैठक नहीं हो पाती, लेकिन डैशबोर्ड के जरिए उनके कामकाजों की समीक्षा आसानी से हो जाएगी।
ऽ सबसे अहम बात ये है कि भ्रष्टाचार मिटाने की दिशा में डैशबोर्ड फायदेमंद साबित होगा।
ऽ अगर किसी विभाग में भ्रष्टाचार कि शिकायत होती है, या उसके कामकाज को लेकर सवाल उठते हैं तो, मुख्यमंत्री को यह बात विभाग की परफॉरमेंस रिपोर्ट देखकर पता चल जाएगी।
ऽ यानी सचिवालय से लेकर जिलों तक किसी भी विभाग या अधिकारी ने लापरवाही बरती तो उस पर सीधी नजर रखी जा सकेगी।

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