एससी/एसटी आंदोलन: राजनाथ की शांति बनायें रखने की अपील

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नयी दिल्ली 02 अप्रैल (वार्ता) केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि सरकार ने अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के संबंध में हाल में आये फैसले के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर कर दी है और वह सभी पार्टियों , संगठनों और लोगों से अपील करते हैं कि वे हिंसा न भड़कायें तथा शांति बनायें रखें।
श्री सिंह ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि सरकार अनुसूचित जाति तथा जनजाति समुदाय के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जरूरत के अनुसार सभी कदम उठाये जा रहे हैं। सरकार ने उच्चतम न्यायालय में समीक्षा याचिका भी दायर कर दी है। इस फैसले के विरोध में देश भर में किये जा रहे बंद तथा विरोध प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि वह सभी राजनीतिक पार्टियों , संगठनों और लोगों से अपील करते हैं कि वे हिंसा न भड़कायें और सांप्रदायिक सद्भावना बनाये रखें।
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार अनुसूचित जाति तथा जनजाति समुदाय की हितैषी है और उसने हमेशा इन वर्गों के कल्याण की दिशा में काम किया है। इस फैसले के विरोध में आंदोलन करने वालों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर कर दी है इसलिए उन्हें अपना आंदोलन और विरोध प्रदर्शन बंद कर देने चाहिए और यदि वे इन्हें जारी रखते हैं तो यह ध्यान दें कि इनके कारण किसी तरह की हिंसा न हों।
इस फैसले के मद्देनजर सरकार की आलोचना करने पर कांग्रेस को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर की मृत्यु 1956 में हो गयी थी लेकिन उन्हें भारत रत्न 1989 में दिया गया। कांग्रेस सरकारों ने उन्हें इतने लंबे समय तक यह सम्मान क्यों नहीं दिया।

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