नवाज शरीफ के आजीवन चुनाव लड़ने पर रोक

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इस्लामाबाद, 13 अप्रैल (वार्ता) पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 62 (1) (एफ) के तहत पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को चुनाव लड़ने तथा संसद सदस्य बनने के लिए आज आजीवन अयोग्य घोषित कर दिया।
पाकिस्तान में संसद सदस्य के लिए संविधान के अनुच्छेद 62 (1) (एफ) के तहत ईमानदार तथा न्यायसंगत होने की शर्त निर्धारित की गयी है। इसी नियम के अनुसार न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा के नेतृत्व वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने पनामा पेपर लीक मामले में सुनवाई करते हुए 28 जून 2017 को श्री शरीफ को अयोग्य घोषित किया था। एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट की एक अलग पीठ ने गत वर्ष 15 दिसंबर को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता जहांगीर तारीन को इसी प्रावधान के तहत अयोग्य घोषित किया था।
पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के पांचों न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति से यह फैसला सुनाया। इस फैसले को पाद श्री शरीफ तथा श्री तारीन आजीव कोई पद ग्रहण नहीं कर सकते हैं।
न्यायमूर्ति उमर अत बंडियाल ने फैसले को पढ़ते हुए कहा कि संसद के किसी भी सदस्य या जनसेवक को संविधान के अनुच्छेद 62 (1) (एफ) के तहत अयोग्यता में स्थायी होगी। इस तरह का व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता है या संसद का सदस्य नहीं बन सकता है।
इस फैसले को सुनाने वाली पीठ का नेतृत्व कर रहे मुख्य न्यायमूर्ति मियां सादिक निसार ने फैसला सुनाने से पहले कहा, “चरित्रवान नेता जनता का हक है।”
मुख्य न्यायाधीश निसार, न्यायमूर्ति शेख अजमत सईद, न्यायमूर्ति उमर अता बंदियाल, न्यायमूर्ति इजाजुल एहसान तथा न्यायमूर्ति सज्जाद अली शाह की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 62 (1) (एफ) के तरह अयोग्य ठहराने की अवधि को लेकर दाखिल 17 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए गत 14 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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