अब जल्द ही देहरादून होगा प्रदूषण मुक्त, तैयारियां जोरों पर

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देहरादून 24 अप्रैल, 2018- अब वो दिन दूर नहीं जब देहरादून होगा प्रदूषण मुक्त. देहरादून में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए एक कारगर रणनीति बनाई जाएगी। इसके लिए पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोडल बनाया गया है। परिवहन, नगर विकास, वन, लोक निर्माण, पुलिस आदि विभागों को इसमें शामिल किया जाएगा। इस सिलसिले में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मंगलवार को सचिवालय में बैठक की।
     प्रस्तुतीकरण के जरिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री एस.पी.सुबुद्धि ने मॉनिटरिंग की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। बताया कि पीएम(पार्टिकुलेट मैटर) 2.5, पीएम 10, एसओएक्स (सल्फर ऑक्साइड), एनओएक्स (नाइट्रोजन ऑक्साइड) के आधार पर प्रदूषण की मॉनिटरिंग की जा रही है। घंटाघर, रायपुर, हिमालयन ड्रग और आईएसबीटी पर स्टेशन बनाये गए हैं। खासतौर से प्रदूषण के चार प्रमुख कारक पाए गए हैं। वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन, निर्माण की गतिविधियां, खुले में जलाना और सड़क की धूल। प्रदूषण के इन कारकों को दूर करने के लिए पुरानी गाड़ियों को चरणबद्ध रूप से हटाने का तंत्र विकसित करना होगा। वाहनों के प्रदूषण की जांच करनी होगी। ई-रिक्शा, ई-कार, ई-बस, ई-बाइक को बढ़ावा देना होगा। भीड़ वाले इलाकों में वाहनों का प्रवेश रोकना होगा। खुले में कचरे को जलाने पर प्रतिबंध लगाना होगा और रात में सफाई का इंतजाम करना होगा। उन्होंने बताया कि प्रदूषण को कम करने के लिए क्लीन एयर एशिया ने देहरादून का भी चयन किया है। उनकी मदद से हम बेहतर रणनीति बना सकेंगे।
         सचिव परिवहन श्री डी.सेंथिल पांडियन ने बताया कि दिसम्बर तक सीएनजी की पाइपलाइन आ जायेगी। उसके बाद सीएनजी से गाड़ियों के संचालन को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदूषण को रोकने के लिए 909 ई-रिक्शा का पंजीकरण किया गया है। विद्युत बैटरी या सोलर पावर से चलने वाले वाहनों को कर से छूट दी गयी है। वाहनों के पंजीकरण और नवीनीकरण के समय ग्रीन सेस की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जल्द ही प्रदूषण जांच केंद्रों को वाहन-4 सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में 25.61 लाख वाहन संचालित हैं, जिनमे 8.68 वाहन देहरादून में चलते हैं। राज्य में प्रतिवर्ष 02 लाख नए वाहनों का पंजीकरण होता है। राज्य में 103 प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित हैं, इनमें 26 जांच केंद्र देहरादून में हैं।
         बैठक में सचिव शहरी विकास श्री आर.के.सुधांशु, सचिव वन श्री अरविंद सिंह ह्यांकी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

To check rising pollution level in Dehradun, an effective strategy will be formulated. The State Pollution Control Board has been made the nodal institution for the purpose while transport, urban development, forest, PWD and police department has also been associated. A meeting in this regard was chaired by Uttarakhand Chief Secretary Utpal Kumar Singh at secretariat on Tuesday.

S.P. Subudhi, member secretary of the Pollution control board gave a presentation on the monitoring of pollution. He said that monitoring is being done on the basis of particular matter (PM) 2.5, PM 10, Sulphur Oxide (SOX) and Nitrogen Oxide (NOX) content in the atmosphere. Monitoring stations have been established at Clock Tower, Raipur,Himalayan Drug and ISBT.

He explained that there are mainly four causes of pollution namely emission from vehicles, construction activities, open burning and dust on the roads. He said that a system of discarding old vehicles in a phased manner has to be developed and checking of pollution levels of existing vehicles should be done. There is need to encourage E-rickshaw,E-car, E-bus and E-bikes and ban on entry of vehicles in busy areas. There should be complete ban on burning of garbage at open places and garbage lifting should be done at night. He said that Clean Air Asia has selected Dehradun for its effort to check pollution and with their help a better strategy  to check could be made.

D.Senthil Pandian ,Secretary ,Transport informed that piped CNG will be available from December and use of CNG in vehicles will be encouraged. He said that a total of 909 E-rickshaws have been registered and vehicles run on battery or solar power are being given exemption in taxes. A green cess is imposed at the time of registration and renewal of vehicles. The pollution checking centres have been linked with vehicle-4 software. He informed that there are 25.61 lakh vehicles registered out of which 8.68 lakh vehicles are in Dehradun.he said that two lakh new vehicles are registered every year in the state. There are 103 pollution checking points in the state out of which 26 pollution checking centres are in Dehradun. R.K. Sudhanshu, Secretary, Urban development, Arvind Singh Hyanki, secretary Forest and other officers were present.

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