600 करोड़ रूपये का ऋण दिया सवा लाख किसानों को

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देहरादून 04 मई, 2018-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को परेड ग्राउण्ड देहरादून में राज्य स्तरीय गोष्ठी एवं फार्म मशीनरी बैंक मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों, विभिन्न प्रकार के फलों, सब्जियों एवं स्थानीय उत्पादों पर लगाई गई आजीविका से जुड़ी प्रर्दशनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने प्रदेश के सभी 13 जिलों के 13 स्वयं सहायता समूहों को फार्म मशीनरी बैंक के लिए लगभग एक करोड़ रूपये के चैक वितरित किये। इस अवसर पर उन्होंने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया।
फार्म मशीनरी बैंको से उत्पादों की वैल्यू एडिशन में मिलेगी मदद-सीएम
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2022 तक कृषकों की आय दुगुनी करने, सबका अपना घर, प्रत्येक घर में बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था का जो संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हम सबको अपना योगदान देना होगा। किसानों के कल्याण के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कृषि और उससे सम्बन्धित कार्यों के लिए जितना बजट प्रदेश को पिछले 17 वर्षों में मिला था उससे अधिक बजट राज्य को अगले तीन सालों के लिए मिला है। राज्य सरकार द्वारा पण्डित दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता कृषि कल्याण योजना के तहत लघु एवं सीमान्त कृषकों को मात्र 02 प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रूपये तक का ऋण दिया गया। जिसके तहत सवा लाख किसानों को लगभग 600 करोड़ रूपये का ऋण दिया गया है। उन्होंने कहा कि फार्म मशीनरी बैंको से उपकरणांें की उपलब्धता होगी तथा कृषक उत्पादों की वैल्यू एडिशन में मदद मिलेगी।
चकबंदी से कृषकों को होगा फायदा-सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में छोटी एवं बिखरी जोतों पर चकबंदी से कृषकों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि गांवों के किसान चकबंदी के लिए आपस में भूमि संटवारा ¼Exchange½ कर सकते हैं, जिसके लिए सरकार तैयार है। उन्होंने कहा कि ऐरोमेटिक प्लांट एवं ट्यूबलर खेती से अच्छी आय अर्जित की जा सकती है, एरोमेटिक प्लांट को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में अधिकतर खेती वर्षा पर आधारित है। पानी की आवश्यकता दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। जल संचय की ओर हमें विशेष ध्यान देना होगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष बल देने की जरूरत है। कृषि के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का प्रयोग एवं स्थानीय उत्पादों का वैल्यू एडिशन करना जरूरी है।
कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 370 समूहों का किया गया चयन-मंत्री
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कृषि में यंत्रीकरण से लागत में कमी के साथ-साथ कृषकों की आय में वृद्धि की जा सकती है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष रूप से कृषि, महिलाओं पर निर्भर है। महिला कृषकों के बोझ को कम करने में कृषि यंत्रीकरण सहायक होगा। कृषकों को सुगमता से कम कीमत पर यंत्र प्राप्त हो सके इसके लिए सरकार द्वारा प्रथम चरण में प्रत्येक न्याय पंचायत पर एक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। फार्म मशीनरी बैंक में कम से कम 08 कृषकों के समूह को 10 लाख रूपये तक के कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, जिस पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। 20 प्रतिशत धनराशि कृषक समूह द्वारा स्वंय या किसी संस्था अथवा बैंक ऋण के माध्यम से वहन की जाएगी। कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए 370 समूहों का चयन किया गया है। मार्च 2019 तक 470 अतिरिक्त समूहों का चयन किया जायेगा।
कृषि मंत्री श्री उनियाल ने कहा कि वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2018-19 के लिए 700 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना अन्य केंद्र पोषित योजनाओं से भी डपटेल की जाएगी। योजना कलस्टर आधारित है, जो कि ग्रामीणों द्वारा स्वंय सहकारिता पर संचालित की जाएगी। एक कलस्टर में कम से कम 100 कृषकों को सम्मिलित किया जाएगा। प्रथम चरण में एक विकासखंड से एक ग्राम का चयन किया जाएगा। चयनित ग्राम को मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। चयनित गांव में कृषि, उद्यान, सब्जी उत्पादन, जड़ी-बूटी, पशुपालन, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, डेयरी विकास, रेशम विकास, कृषि यंत्रीकरण, जल संरक्षण, प्रोसेसिंग कलेक्शन, सेंटर आदि कार्य किये जायेंगे।
प्रत्येक न्याय पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर पर एक-एक फार्म मशीनरी बैंक होंगे स्थापित
सचिव कृषि डी. सेंथिल पांडियन ने कहा कि प्रदेश में अधिकतर लघु एवं सीमान्त कृषक हैं, जो कि आवश्यकता के अनुरूप पृथक-पृथक कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं होते हैं। इस दृष्टि से प्रथम चरण में प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एवं दूसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर एक-एक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अन्य विभागों से भी समन्वय किया जा रहा है।  कृषि विभाग के साथ-साथ आईफैड-आई.एल.एस.पी. एवं उद्यान विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, ताकि कृषकों के लिए कार्य करने वाले विभागों में आपसी समन्वय बढ़ सके। उन्होंने कहा कि फाॅर्म मशीनरी बैंक में मुख्य रूप से पावर टिलर, पावर विडर, थे्रसर,मल्टी क्राप थे्रसर, रोटावेटर, सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर, ब्रश कटर, हैरो, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, रीपर कम बाईपर, पशुचालित यंत्र, छोट कृषि यंत्र, जल पंप, मानव चलित यंत्र, पावर स्प्रेयर, पंप सेट, जल संवहन पाईप आदि उपलब्ध कराये जाते हैं।
इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, श्री देशराज कर्णवाल, प्रमुख सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, कंट्री काॅर्डिनेटर आईफैड श्रीमती मीरा मिश्रा, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. ए.के मिश्रा, ब्लाॅक प्रमुख श्रीमती बीना बहुगुणा, भाजपा नेता श्री विनय गोयल, श्री सुनील उनियाल आदि उपस्थित थे।

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