सैनिक कल्याण हेतु कई कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोला सी.एम. ने

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देहरादून 04 मई, 2018-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में राज्य सैनिक कल्याण परिषद की पांचवी बैठक में प्रतिभाग किया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बैठक नियमित प्रतिवर्ष आयोजित की जाए, ताकि भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं तथा उनके आश्रितों से सम्बंधित कल्याणकारी योजनाओं के बारे में निर्णय लिया जा सके, तथा उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। इस बैठक में सैनिक कल्याण से संबंधित बहुमूल्य सुझाव प्राप्त होते हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड एक सैनिक बहुल प्रदेश है। प्रदेश का हर परिवार सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों से किसी न किसी प्रकार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का यह सौभाग्य है कि पूर्व सैनिको के रूप में हमारे पास प्रशिक्षित एवं अनुशासित जनशक्ति उपलब्ध है, जिनका उपयोग प्रदेश के विकास के लिए किया जा सकता है।
ECHS  पालीक्लिनिक हेतु भूमि निशुल्क-सीएम
मुख्यमंत्री ने राज्य में ECHS  पालीक्लिनिकों हेतु निशुल्क भूमि आवंटन की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की। उन्होंने मुख्य सचिव को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। वर्तमान में राज्य में कुल 21 ECHS  संचालित है। अभी कर्णप्रयाग, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और रूद्रपुर में पालीक्लिनिकों हेतु भूमि की मांग की गई है।
वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों (वीरचक्र श्रृंखला) हेतु निशुल्क परिवहन सुविधा-सीएम
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों की विधवाओं (वीरचक्र श्रृखला), सैनिकों (जो युद्ध के दौरान अपंग हुए हैं) को राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क सफर की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की। परिवहन विभाग इस पर शीघ्र कार्रवाई करेगा।
विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को एकमुश्त एवं वार्षिकी धनराशि बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रूख दिखाते हुए इस पर विचार करने का आश्वासन दिया।
पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाये जायेंगे-सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पूर्व सैनिकों के लिए जो भी प्रभावी रोजगार सृजन के कदम उठाए जा सकते हो उनकी कार्ययोजना बनायें। होम स्टे, सोलर एनर्जी, ग्रोथ सेन्टर जैसी योजनाओं में पूर्व सैनिकों की सहकारी समिति बनाकर कार्य दिया जा सकता है। उन्होंने अल्पकालीन सेवा कमीशन प्राप्त अधिकारियों को पीसीएस काॅडर में आरक्षण प्रदान करने के विषय पर अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। श्री केदारनाथ और श्री बद्रीनाथ धाम में सैनिक विश्राम गृह हेतु भूमि देने पर निकटवर्ती क्षेत्रों में उपयुक्त भूमि की उपलब्धता के आधार पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।
कौशल विकास विभाग की योजनाएं लाभप्रद- सचिव कौशल विकास
सचिव कौशल विकास डाॅ.पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान में कौशल विकास द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्व सैनिकों के लिए लाभप्रद हो सकते हैं, यदि सैनिक कल्याण विभाग द्वारा किसी विशेष कोर्स या परीक्षण का प्रस्ताव आता है तो उस पर भी विचार किया जा सकता है। कौशल विकास विभाग द्वारा ‘जाॅब फेयर‘ का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के प्लेसमेंट की कार्यवाही भी की जा रही है।
बैठक मेें मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह,  प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, जीओसी उत्तर भारत एरिया ले0 जनरल हरीश ठुकराल, जी0ओ0सी0 उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल जे0एस0यादव, निदेशक पुनर्वास जोन (मध्य क्षेत्र) ब्रिगेडियर एस0एन0तिवारी, निदेशक सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास, उत्तराखण्ड ब्रिगेडियर के.बी.चन्द, कर्नल वेटरन उत्तराखण्ड सब एरिया कर्नल एस नवानी, संयुक्त निदेशक, केन्द्रीय सैनिक बोर्ड  ले.कर्नल एन थपलियाल आदि उपस्थित थे।

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