डिजिटल भारत के सपने को साकार कर सकता है आज का युवा-मुख्यमंत्री

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देहरादून 10 मई, 2018-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरुवार को जे.बी.इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून के वार्षिकोत्सव ’’सृजन 2018’’ का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत एनुअल प्रोजेक्ट एग्जीबिशन ’’टैकजोन’’ का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंस्टिट्यूट के एकेडमिक अवार्ड भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें बहुत खुशी महसूस हो रही है कि संस्थान में लगभग 25 राज्यों सहित भूटान, नेपाल और तिब्बत देश से भी बच्चे पढ़ने आए हैं। उन्होंने कहा कि यहां आज भारत का छोटा रूप दिखाई दे रहा है। उन्होंने राज्य के बाहर से आए सभी छात्र छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों एवं सहपाठी छात्र-छात्राओं को इनका विशेष ध्यान रखना चाहिए, जिससे कि यह छात्र-छात्राएं यहां से अच्छी यादें लेकर जाएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वह पिछले वर्ष दूरस्थ गांव घेस गए थे। तब वहां पर अस्पताल, विद्यालय, बिजली इंटरनेट और अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं थी। आज वह गांव पूर्ण रूप से डिजिटल हो गया है। राज्य सरकार के प्रयासों से दूरस्थ गांव घेस टेली मेडिसिन के माध्यम से अपोलो अस्पताल से जुड़ चुका है। वहां के विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी है। पिछले 01 वर्ष में 03 दूरस्थ गांवों को डिजिटल बनाया गया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने छात्र-छात्राओं को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा कृषकों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें आज के युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा कृषि के क्षेत्र में हॉर्टिकल्चर, एरोमेटिक एवं जैविक खेती पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही डिजिटल भारत के सपने को साकार कर सकता है। उन्होंने संस्थान को छात्र-छात्राओं को गांवों का भ्रमण कराकर प्रेक्टिकल नाॅलेज से शिक्षा प्रदान करने की बात कही।
इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री विनय गोयल एवं संस्थान के चेयरमैन श्री एल. डी. सिंघल भी उपस्थित थे।

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