डी.एम ने दूनवासियों का किया आह्वान , 19 मई से आरम्भ होने वाला है महा जनअभियान

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देहरादून 17 मई, 2018-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण के लिए एक दिन में ही उद्गम से संगम तक वृक्षारोपण और साफ-सफाई का यह अभियान शनिवार 19 मई से आरम्भ होने जा रहा है। जिलाधिकारी देहरादून एस. ए. मुरूगेशन ने मिशन रिस्पना की विस्तृत कार्ययोजना के बारे में बताया कि अभियान के शुरूआती दौर में नदी के उद्गम क्षेत्र में वृह्द वृक्षारोपण किया जाएगा। इसमें लंढौर से लेकर शिखर फाॅल तक और मोथोरावाला के पास संगम क्षेत्र- जहां रिस्पना और बिंदाल का संगम होता है, में लगभग दो लाख पेड़ लगाए जाएंगे। पौध रोपण क्षेत्र को छोटे- छोटे ब्लाॅक में बांटा गया है। हर ब्लाक 2500 वर्ग मीटर का है जिसमें 250 पौधे लगाए जाएंगे, यह दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में शनिवार 19 मई, 2018 को गढ्ढे खोदे जाएंगे फिर दूसरे चरण में जुलाई 2018 के दूसरे हफ्ते में पौधे रोपे जाएंगे। मिशन रिस्पना पूरी तरह से वाॅलियन्टर्स द्वारा श्रमदान से चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी मुरूगेशन ने सभी दूनवासियों, एनजीओ, संस्थाओं, विद्यालयों, नागरिकों से आग्रह  किया है कि हर  नागरिक किसी भी एक ब्लाॅक के वृक्षारोपण की जिम्मेदारी लें। सेना के ईको टास्क फोर्स, पुलिस  तथा वन विभाग द्वारा भी  मिशन रिस्पना में सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र स्वयं निरन्तर मिशन रिस्पना की तैयारियों की माॅनिटरिंग कर रहे है । उन्होंने कहा कि हमे मिशन रिस्पना को मात्र एक सरकारी आयोजन नही बनाना है बल्कि इसे एक महा जनअभियान बनाना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा अनुसन्धान केन्द्र रिस्पना के थ्री डी माॅडलिंग पर कार्य कर रहा है। उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड द्वारा भी मिशन रिस्पना का निरन्तर फाॅलोअप किया जा रहा है । प्रदूषण बोर्ड द्वारा सिविक बाॅडी के साथ मिलकर नालियो की ब्लाॅकिंग की जा रही है ताकि नदी में गन्दे बहाव का कम किया जा सके। उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड द्वारा बड़ी साॅफ्ट ड्रिंक कम्पनियों से बात की जा रही है ताकि बेकार प्लास्टिक बोतलों का निपटान किया जा सके।
मिशन रिस्पना सरकारी आयोजन नही बल्कि महा जन अभियान, प्रत्येक दूनवासी करे श्रमदान
जिलाधिकारी ने कहा कि देहरादून शहर के मध्य से गुजरती हुयी रिस्पना नदी का देहरादून के साथ एक अनूठा रिश्ता है। मिशन रिस्पना देहरादून वासियों के पास एक मौका है इस नदी को उसके पुराने अविरल स्वरूप में वापस लाने का लंबे समय से दून वासियों ने उस रिस्पना नदी की अनदेखी की है जिसके ऊपरी क्षेत्र आज भी शहर को जीवनदायी जल प्रदान कर रहे है। मिशन रिस्पना का सपना मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वयं देखा है और रिस्पना को फिर से ऋषिपर्णा बनाने का संकल्प हम सब के सामने रखा है। जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन रिस्पना आम नागरिकों और सरकार के बीच एक ऐसी साझेदारी बनाना चाहता है जिसमें सब साथ मिलकर रिस्पना को पुनर्जीवित करने के लिए कदम बढाएं। शहर के संतुलित विकास हेतु समय की मांग है कि रिस्पना को पुनर्जीवित किया जाए। आज हम उस मुकाम पर है जहां हमें हमारे वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह आवश्यक पहल करनी ही होगी।
जिलाधिकारी श्री एस. ए.  मुरूगेशन ने कहा कि  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र  मिशन रिस्पना का नेतृत्व एवं स्वामित्व दून वासियों के हाथों में देना चाहते हैं। अब चाहे वो वृक्षारोपण हो, या सफाई अभियान चलाना या फिर आर्थिक तौर पर अभियान से जुडना। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र का नारा है, रिस्पना को बचाने के लिए चाहिए कि देहरादून के लोग तन, मन और धन के साथ मिशन से जुड़ें।
उन्होंने कहा कि ‘‘ऐसा करके आपका यह प्रयास देहरादून के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। दूनवासी मात्र कल्पना ही कर सकते है कि इससे देहरादून को कितना लाभ होगा। इस वृक्षारोपण से हमारे शहर में साफ आबो-हवा होगी, हरियाली होगी और भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी। मिशन रिस्पना के जरिए हम देहरादून को एक जिम्मेदार शहर बना सकते है जो प्रकृति की संुदरता की सौगात को अपनी विकास यात्रा में अपने साथ लेकर चलना जानता हो। उन्होंने सभी से साथ मिलकर इस ऐतिहासिक कार्य में अपना योगदान देने तथा एक साथ एक दूजे के लिए रिस्पना को प्रदूषणमुक्त करने का संकल्प लेने की अपील की। हमारी आपसे अपील है कि इस कार्य की पूर्ति हेतु आप भी सहयोग करें ताकि आप अपनी भावी पीढ़ी को बता सके कि रिस्पना को बचाने हेतु आपने भी योगदान दिया था।’’
देहरादून, 17 मई 2018 रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए नदी किनारे किये जाने वाले वृक्षारोपण हेतु 19 मई को खोदे जाने वाले गड्डो के लिए कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने के लिए  जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन की अध्यक्षता में मंथन सभागार में नोडल अधिकारियों, सैक्टर अधिकारियों तथा ब्लाक सैक्टर अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी।
जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन ने कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जो दायित्व एवं जिम्मेदारी सौंपी गयी है उसका निर्वहन करते हुए कल अपने-अपने ब्लाॅक एवं सैक्टरों का स्थलीय निरीक्षण कर लें जिससे सभी अधिकारियों को यह जानकारी हो सके कि उनको कौन सा क्षेत्र आंवटित किया गया है ताकि उनके साथ कार्य करने वाली संस्थाओं को कार्यक्रम स्थल पर ले जाने में कोई दिक्कत एवं परेशानी न हो। उन्होने यह भी कहा कि उनके साथ जो भी अधिकारी तैनात किये गये हैं उनसे समन्वय करते हुए एवं इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले संस्थाओं की सूची उपलब्ध कराते हुए उन्हे कार्यक्रम स्थल पर पंहुचायेंगे। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि सभी अधिकारी यह भी सुनिश्चित करा लें कि जो टीम सम्बन्धित के लिए चयन की गयी है उन्हे किस स्थान से लेना है, जिससे पूर्व में समन्वय कर उन्हे  निर्धारित स्थल पर ले जाया जाय। उन्होने यह भी निर्देश दिये हैं कि सभी नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करलें कि 19 मई को आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम हेतु पार्किंग व्यवस्था के लिए भी स्थान चिन्हित कर लें। उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी को भी चिकित्सा टीम मय एम्बुलेंस सहित कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिये, जिसमें उन्होने 6 टीम उपलब्ध कराने के निर्देश दिये, जिसमें 2 टीम शिखरफाॅल क्षेत्र हेतु, ,2 टीम कैरान गांव से  राजपुर हेड तक तथा 2 टीम मोथोरावला दौड़वाला में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्यक्रम स्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए इस कार्यक्रम में लगभग 4 हजार लोगों के प्रतिभाग करने की सम्भावना है, जिसमें वेस्ट वेरियर संस्था, उत्तरांचल आयुर्वेदिक कालेज रायपुर, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, यूपीईएस, पेस्टलविड स्कूल, होम गार्ड, एसएसबी, आर्डिनेंस फैक्टरी, वन निगम, पुलिस, स्पोर्टस कालेज, बीएसएफ, एसडीआरएफ, सैंट जोर्ज स्कूल, आईटीबीपी, ओनएनजीसी, सिविल डिफेंस, स्कालरहोम, मैड संस्था, सहित जनपद स्थित विभिन्न स्कूल कालेज एवं स्वंय सेवी संस्थाओं सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा। उन्होने इस दौरान यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए पुलिस अधीक्षक यातायात कों आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 7 बजे से किया जायेगा। उन्होने कार्यक्रम स्थल पर  कन्ट्रोलरूम भी स्थापित करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर वन संरक्षक यमुना वृत्त पी.के पात्रो ने सभी वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री द्वारा रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने का जो लक्ष्य रखा गया है उस उद्देश्य को सफल करना हम सबकी जिम्मेदारी है, जिसके लिए दो चरणों में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसके प्रथम चरण में गड्डा खोदने का कार्यक्रम रखा गया है तथा द्वितीय चरण माह जुलाई वर्षा होने पर वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। उन्होने कहा कि जिस अधिकारी एवं कर्मचारी को जो दायित्व एवं जिम्मेदारी सौंपी गयी है उसका निष्ठा से करना सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक ब्लाॅक सैक्टर अधिकारी के साथ एक-एक वन विभाग के कर्मचारी को तैनात किया गया है जो स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्कूली बच्चों को गड्डा खोदना के बारे में बतायेगे।
इस अवसर नगर मजिस्टेªट मनुज गोयल, मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत, सेना के अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी, देहरादून परियोजना निदेशक डीआरडीए राजेन्द्र रावत, सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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