डॉ निशंक हुए आई एस बी में सम्मानित

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हैदराबाद , 21-05-2018 -उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने आज   देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित प्रबंधन स्कूल में कुंभ प्रबंधन पर व्याख्यान दिया ।
डॉ निशंक ने अपने भाषण में कहा कि वे हिमालय से आए हैं जहां से योग ज्ञान विज्ञान का प्रारंभ हुआ है ।
डॉ निशंक ने कहा कि शक्ति और प्रतिभा  के लिए बेहतरीन प्रबंधन की आवश्यकता है ।
डॉ निशंक ने  कहा कि हिमालय पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं । विवेकानंद नरेंद्र से विवेकानंद हिमालय के कारण बन पाए । डॉ निशंक ने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि वर्ष 2010 में आयोजित किया गया कुंभ पूरे विश्व में अपने वैभव भव्यता और सफल आयोजन के लिए जाना जाता है । हम ने सफलतापूर्वक कुंभ आयोजित कर 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को हरिद्वार आमंत्रित किया ।

एक दिन में एक करोड़ 66 लाख लोगों के शाही स्नान से विश्व रिकॉर्ड बना जिसे इसरो (ISRO)के सैटेलाइट द्वारा दर्ज किया गया । डॉ निशंक ने बताया कि बताएं की कुंभ की सफलता का श्रेय मैं अपनी टीम को देना चाहता हूं ।।   उन्होंने कहा कि कुंभ के लिए दृढ़ दृष्टि इच्छा शक्ति के कारण ही कुंभ सफल हुआ । कुंभ 12 देशों द्वारा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया ।
कुंभ आस्था का सबसे बड़ा शांतिपर्व बना । इस अवसर पर आई.एस. बी के डीन  डॉ श्रीवास्तव ने डॉ निशंक को सम्मानित किया ।
डॉ निशंक ने कहा कि 100 देशों से अधिक देशों के लोगों ने इस शांति के पर्व में हिस्सा लिया । डॉ निशंक ने कहा कि नवोदित प्रदेश होने के नाते उनके सामने कई चुनौतियां थी ।  वित्तीय संसाधनों के अलावा कई प्रशासनिक दिक्कतें थी । डॉ निशंक ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्होंने उस दौरान केंद्र सरकार और राज्य सरकार का भरपूर सहयोग मिला ।। डॉ निशंक ने कहा कि उन्होंने कुंभ के दौरान स्थाई कामों को प्राथमिकता दी ।  डॉ निशंक ने बताया कि उन्होंने श्रेष्ठ निगरानी तंत्र स्थापित कर विभिन्न एजेंसियों में बेहतर समन्वय स्थापित किया तथा
श्रेष्ठ रणनीतियों को सफलतापूर्वक जमीन पर क्रियान्वित किया गया । उन्होंने कहा कि उन्होंने वेश बदलकर निगरानी की । उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि उन्हें प्रदेश के लोगों का भरपूर सहयोग मिला । डॉ निशंक ने कहा कि उन्होंने मानव संसाधन का कुशल उपयोग कर उच्च प्रौद्योगिकी का सही इस्तेमाल कर कुंभ का सफलतम आयोजन किया । निशंक ने आईएसबी का धन्यवाद करते हुए उन्हें दिए गए सम्मान के लिए आभार प्रकट किया ।
इस अवसर पर इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस ने डॉ निशंक को मैनेजमेंट के सिद्धांत विद्याथियों को समझाने के लिए के लिए एक हफ्ते उनके साथ बिताने का आमंत्रण दिया जिसे उन्होंने सहज स्वीकार कर लिया। ज्ञातव्य है की  इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस विश्व के शीर्ष 25 बिजनेस स्कूलों में शुमार है।

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