217 crore Rs. of arrears will be given to sugarcane farmers in principle-C.M. / 217 करोड़ रूपये का बकाया भुगतान किया जायेगा गन्ना किसानों को-मुख्यमंत्री

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Dehradun 31 May, 2018-Uttarakhand Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat held a review meeting of Sugarcane Development and Sugar industry departments at secretariat on Thursday. Minister of Sugarcane development Parkash Pant was present in the meeting.

 To pay sugarcane farmers’ arrears of Rs. 217 crore agreed in principle

Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat said that his government is committed to the welfare of the sugarcane farmers and their arrears of sugarcane worth Rs. 217 crore will be paid.  Sugarcane Development Minister Parkash Pant said that the difference of the support price announced by the central government and the sugarcane price announced by the state government will be paid by the state government. He said that in this regard against a total of Rs. 440 crore, a sum of Rs. 223 crore has been paid while a sum of Rs.217 crore of sugarcane arrears are pending.

Sugar mills to get interest free loan to pay salaries to employees

 It was informed in the meeting that due to extra ordinary dip in the prices of sugar, the financial condition of sugar mills has turned bad. A sum of Rs. 95.79 crore has been required to pay the salaries of employees of Bazpur, Nadehi,Kiccha and Doiwala sugarmills. The Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat agreed in principle to provide interest free loans to sugar mills to pay the salaries of the employees.  He directed Finance Secretary Amit Negi to hold a meeting with officials of sugarcane department to chalk out a work plan. The Chief Minister said that workers of sugar mills cannot be left without giving them salaries. However, he asked the managements of sugar mills to adopt strict economic discipline. He warned the managements of sugar mills that dependence on state government time and again for their own mismanagement is not good. He said that sugar mills should come out with progressive steps to improve their condition.

Modernization of sugar mills requirement of time: CM

Chief Minister said work on the modernization of sugar mills should be started to make them profit making units. Sugarcane Development Minister Parkash Pant informed that plans are afoot to modernize Kiccha, Bazpur, Nadehi and Doiwala sugar mills. He said that orders have been issued for signing an MOU with UJVNL for setting up co-generation plants to produce electricity at Bazpur and Nadehi sugar mills. A survey will be done for co-generation of power at Kiccha sugar mill. Directions have also been given to send the proposal of ETP (Efflvent Treatment Plant) of Bazpur distillery to NCDC (National Cooperative Development Corporation) which will be guaranteed by the state government. For the Sitarganj and Gadarpur sugar mills, similar industries have been given preference and decided to get EOI from private sector.

Information given by Sugarcane Development Minister

Sugarcane Development Minister Parkash Pant informed that the sugarcane plantation area in the last one year has increased from 84956 hectares to 86053 hectares. The crushing of sugarcane has marked an increase of one lakh 60 quintal in the past year.  The production of sugar in the past one year has increased from 34.55 lakh quintal to 41.69 lakh quintal and the recovery percentage has also increased from 9.86 per cent to 10.19 per cent.

Finance Secretary Amit Negi,, Secretary Power Radhika Jha, Secretary Sugarcane development Indudhar Baudoi, general managers of sugar mills and other officers were present in the meeting .

देहरादून 31 मई, 2018-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को सचिवालय में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की समीक्षा की। मंत्री श्री प्रकाश पंत भी बैठक में उपस्थित थे।

गन्ना किसानों के बकाया 217 करोड़ रूपये हेतु सैद्धान्तिक स्वीकृति
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार गन्ना किसानों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध है और उनके बकाया गन्ना मूल्य 217 करोड़ रूपये का भुगतान किया जायेगा। मंत्री श्री प्रकाश पंत ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा घोषित सर्मथन मूल्य तथा राज्य सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य के अन्तर की धनराशि का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाना है। इस दिशा में 440 करोड़ रूपये के सापेक्ष 223 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है तथा 217 करोड़ रूपये गन्ना मूल्य बकाया है।
चीनी मिलों के कर्मचारियों को वेतन हेतु बिना ब्याज का कर्ज
बैठक में अवगत कराया गया कि वर्तमान में चीनी के मूल्य में अत्याधिक गिरावट आने के कारण चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति खराब हुई है। बाजपुर, नादेही, किच्छा तथा डोईवाला चीनी मिलों के कार्मिकों के अवशेष वेतन आदि हेतु रूपये 95.79 करोड़ की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके लिये राज्य सरकार द्वारा बिना ब्याज के कर्ज देने की सैद्धान्तिक सहमति व्यक्त की। उन्होंने वित्त सचिव अमित नेगी को निर्देश दिये कि शुक्रवार को गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस हेतु ठोस कार्ययोजना बनायें। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि चीनी मिल कार्मिकों को इस प्रकार बिना वेतन के नहीं छोड़ा जा सकता है। परन्तु साथ ही उन्होंने चीनी मिलों के प्रबन्धन को ठोस आर्थिक अनुशासन अपनाने की हिदायत भी दी। मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों के प्रबंधन को आगाह किया कि कुप्रबंधन के कारण खराब वित्तीय स्थिति में बार-बार सरकार पर निर्भरता उचित नही है। चीनी मिलों को अपनी स्थिति सुधारने के लिये प्रोग्रेसिव कदम उठाने होंगे।
चीनी मिलों का आधुनिकीकरण समय की मांग-सीएम
       मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि चीनी मिलों को लाभ की इकाई बनाने के लिये इनके आधुनिकीकरण पर काम किया जाय। गन्ना विकास मंत्री श्री प्रकाश पंत ने बताया कि किच्छा, बाजपुर, नादेही और डोईवाला के आधुनिकीरण पर विचार किया जा रहा है। बाजपुर और नादेही चीनी मिलों में यूजेवीएनएल के सहयोग से विद्युत उत्पादन हेतु को-जनरेशन प्लाण्ट लगाने हेतु एमओयू शीघ्र करने के निर्देश दिये गये। किच्छा चीनी मिल में को-जनरेशन हेतु सर्वे करने के निर्देश दिये गये। बाजपुर डिस्टीलरी के ई.टी.पी.(एफ्लुएंट ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट) हेतु एनसीडीसी(नेशनल कोपरेटिव डेवलपमेंट काॅरपोरेशन) को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया जिसकी गारंटी सरकार देगी। सितारगंज और गदरपुर चीनी मिलों हेतु सह उद्योगों को प्राथमिकता देते हुए निजी क्षेत्र से ईओआई प्राप्त करने का निर्णय भी लिया गया।
गन्ना विकास मंत्री ने दी जानकारी
       श्री प्रकाश पंत ने अवगत कराया कि पिछले एक वर्ष में गन्ना क्षेत्रफल 84956 हेक्टेयर से बढ़कर 86053 हेक्टेयर हो गया है। गन्ने की पेराई में एक वर्ष में 60 लाख कुंतल का इजाफा हो गया है। विगत एक साल में चीनी उत्पादन 34.55 लाख कुंतल से बढ़कर 41.69 कुंतल हो गया है तथा रिकवरी प्रतिशत भी 9.86 से बढ़कर 10.19 प्रतिशत हो गया है।
       बैठक में वित्त सचिव श्री अमित सिंह नेगी, सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिका झा, सचिव गन्ना विकास श्री इंदुधर बौड़ाई सहित सभी चीनी मिलों के जीएम तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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