CM Says: We are commited to make Uttarakhand a polythene free state / 31 जुलाई से उत्तराखण्ड में पाॅलीथीन पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित-सीएम

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Dehradun 05 June, 2018 -On the occasion of the World Environment Day, under the leadership of Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat, under Mission Rispana to Rishiparna, pits were prepared for tree plantation at Daudwala, Dehradun on Tuesday. Notably, under the Mission Rishiparna, from Rispana origin – Ladhaur Shikhar Fall to Motharwala-Daudwala, 2.5 lakh trees of different species would be planted in 32-KM area.

On this occasion, Chief Minister said that Rispana to Rishiparna is a long term and ambitious campaign of the government. He said that in this mission, apart from the local people, various government and Non Government Organisations (NGOs), institutes, the government is also getting support from even the people from other states. For the rejuvenation of Rispana and Kosi, three and half lakh trees will be planted on one day during ‘Harela’ festival. He said that work of tree plantation would be done totally with public cooperation.

Chief Minister said that in the initial stage, target has been set for the rejuvenation of the Rispana and Kosi river. Afterwards, other water sources would also be rejuvenated. Extending World Environment Day wishes to the people, Chief Minister said that environment conservation is a collective responsibility of all of us. He said that in year 2018, hosting of World Environment Day is being done by India. He added that for the call given by the Prime Minister Mr. Narendra Modi for plastic free India, support from everyone is important.

Chief Minister said that from coming July 31, a complete ban on polythene will be imposed on polythene in Uttarakhand. All the polythene wholesalers have been asked to finish the polythene stock by the given date. Chief Minister said that one week before the ban, a mass awareness campaign, pertaining to the environmental damage due to polythene, would be undertaken in the entire state. He said that in order to make Uttarakhand a polythene free state, apart from support from social organizations, there is need for public cooperation as well.

District Magistrate S A Murugeshan informed that 39 blocks have been made from Ladhaur Shikhar Fall to Motharwala-Daudwala for tree plantation. In the entire area, trees of different species would be planted and in these 30 per cent trees would be fruit bearing. He said that in this mission, they are receiving good response from everyone.

On this occasion, MLA Vinod Chamoli, BJP’s Dehradun city president Vinay Goyal, jawans of Garhwal Rifle and local people also prepared pits for tree plantation in Daudwala. After this, the Chief Minister planted trees at CM residence. On the occasion of the World Environment Day, he planted high quality trees of Litchi, Pomegranate, Guava, Peach, Plum and Pear.

देहरादून 05 जून, 2018-विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में मंगलवार को दौड़वाला, देहरादून में मिशन रिस्पना से ऋषिपर्णा के अन्तर्गत वृक्षारोपण हेतु गड्ढे तैयार किये गये। गौरतलब है कि मिशन ऋषिपर्णा के अन्तर्गत रिस्पना के उद्गम लण्ढ़ौर शिखर फाॅल से मोथरोवाला-दौड़वाला तक कुल 32 किमी क्षेत्र में विभिन्न प्रजाति के 2.5 लाख वृक्ष लगाये जायेंगे।

      इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रिस्पना से ऋषिपर्णा सरकार का दीर्घकालिक एवं महत्वाकांक्षी अभियान है। इस मिशन में स्थानीय लोगों के अलावा विभिन्न सरकारी तथा गैरसरकारी संगठनों, संस्थाओं एवं अन्य प्रदेशों के लोगों का सहयोग भी मिल रहा है। रिस्पना एवं कोसी के पुनर्जीवीकरण के लिए हरेला पर्व के दौरान एक दिन निर्धारित कर 3.5 लाख पौधे लगाये जायेंगे। वृक्षारोपण का यह कार्य पूर्ण रूप से जन सहयोग से किया जायेगा।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भिक चरण में रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अन्य जल स्रोतो को भी पुनर्जीवित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण का संरक्षण, हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। वर्ष-2018 में विश्व पर्यावरण दिवस की मेजबानी भारत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्लास्टिक मुक्त भारत का जो आह्वाहन किया है, उसमें सबका सहयोग जरूरी है।
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में दौड़वाला, देहरादून में मिशन रिस्पना से ऋषिपर्णा के लिए वृक्षारोपण हेतु गड्ढे तैयार किये गये।
  • रिस्पना और कोसी नदी के किनारे जन सहयोग से एक दिन में लगाये जायेंगे 3.5 लाख वृक्ष: सीएम
  • मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास में भी किया वृक्षारोपण।
      मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 31 जुलाई से उत्तराखण्ड में पाॅलीथीन पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित की जायेगी। सभी पाॅलीथीन के थोक विक्रेताओं को इससे पूर्व पाॅलीथीन का स्टाॅक समाप्त करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इससे एक सप्ताह पूर्व पूरे प्रदेश में पाॅलीथीन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। उत्तराखण्ड को पाॅलीथीन मुक्त राज्य बनाने के लिए सामाजिक संगठनों के अलावा जन सहयोग आवश्यक है।
जिलाधिकारी श्री एस.ए.मुरूगेशन ने बताया कि लण्ढ़ौर शिखर फाॅल से मोथरोवाला-दौड़वाला तक तक वृक्षारोपण के लिए 39 ब्लाॅक बनाये गये हैं। सम्पूर्ण क्षेत्र में अनेक प्रजाति के वृक्ष लगाये जायेंगे। इसमें 30 प्रतिशत फलदार वृक्ष लगाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस मिशन में सबका अच्छा सहयोग मिल रहा है।
इस अवसर पर विधायक श्री विनोद चमोली, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री विनय गोयल, गढ़वाल राईफल के जवानों एवं स्थानीय लोगों ने भी दौड़वाला में वृक्षारोपण के लिए गड्ढे तैयार किये।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके उपरान्त मुख्यमंत्री आवास में भी वृक्षारोपण किया। उन्होंने  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लीची, अनार, अमरूद, आडू, प्लम, नाशपाती के उच्च गुणवत्ता के पौधे लगाये।

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