Uttarakhand will emerge as a Film Destination: CM / फिल्म डेस्टीनेशन के रूप में उभरेगा उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री

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  • For the youth of the state, there will be employment possibilities
  • Chief Minister inaugurates five-day Film Appreciation Course
  • On the initiative of Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat, such a workshop organised in Uttarakhand for the first time
  • Workshop organised jointly under auspices of FTII and Uttarakhand Film Development Council

 Dehradun 06 June, 2018-Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat has said that Uttarakhand will soon be recognised as Film Destination. On Wednesday, Chief Minister inaugurated the five-day Film Appreciation Course at Suchna Bhawan, Ring Road. Terming it as a historic moment, he expressed gratitude to the FTII, Pune. He said that efforts would be made to organise such courses in all the districts.

Chief Minister said that from the film shooting, in direct and indirect manner, people in the state get employment in large number. In order to promote the films, the state government has completely exempted shooting from tax. From the course, organised with the support of FTII, the youth of the state would get technical information about film making. From this, film producers would get expert manpower here. There is favourable environment in the state for film making. The law and order situation is very good here. The state government is making effort that natural beauty of the Uttarakhand should reach to the masses through the medium of films.

Director General Information/Chief Executive Officer, Uttarakhand Film Development Council, Dr. Pankaj Kumar Pandey, said that on the initiative of Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat, such a workshop has been organised in Uttarakhand for the first time. In the five-day workshop, jointly organised under auspices of FTII, Pune and Uttarakhand Film Development Council from June 6 to 10 at Suchna Bhawan, Ring Road, participants will be given information about the minute details related to the film education by the experts from FTII, Pune. After that similar courses would be undertaken in Almora and Tehri as well. Apart from this, in July 2018, script writing course would be organised in Dehradun.  For acting, digital cinematography, digital film production, TV serial, fiction writing and still photography course and for small children film making and acting related courses have also been prepared. Youth are very enthusiastic about the Film Appreciation Course. As many as 116 applications have been received for the workshop being organised for the first time.

Director FTII Bhupendra Kainthola said that with this workshop, film makers in the state would get expert manpower from technical point of view. But for that a lot needs to be done. Youth should take cinema also as an alternative for employment. Lot many things are being done in order to promote shooting of films in Uttarakhand. Recently, the state was conferred with the Film Friendly State Award. There is need to develop film culture. The program was conducted by Additional Director Information Dr. Anil Chandola. In the programme, CM’s Media Advisor Ramesh Bhatt, Course Director Pankaj Saxena and others were present.

  • राज्य के युवाओं के लिए बनेगी रोजगार की सम्भावनाएं।
  • मुख्यमंत्री ने किया पांच दिवसीय फिल्म एप्रिसियेशन कोर्स का शुभारम्भ।
  • मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर उत्तराखण्ड में पहली बार इस तरह की कार्यशाला का आयोजन।
  • एफ.टी.आई. व उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन। 
देहरादून 06 जून, 2018-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि उत्तराखण्ड की जल्द ही फिल्म डेस्टीनेशन के रूप में पहचान बनेगी। बुधवार को मुख्यमंत्री ने रिंग रोड स्थित सूचना भवन में पांच दिवसीय फिल्म एप्रिसियेशन कोर्स का शुभारम्भ किया। उन्होंने इसे ऐतिहासिक पल बताते हुए एफ.टी.आई पुणे का आभार व्यक्त किया। प्रयास किया जाएगा कि इस तरह के कोर्स हर जिले में आयोजित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग से राज्य में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष बड़ी संख्या में रोजगार प्राप्त होता है। फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने शूटिंग का शुल्क पूरी तरह से हटा दिया है। एफ.टी.आई के सहयोग से आयोजित कोर्स से राज्य के युवाओं को फिल्म निर्माण संबंधी तकनीकी जानकारियां प्राप्त होंगी। इससे यहां फिल्म निर्माताओं को दक्ष मेनपावर भी मिलेगा। राज्य में फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल माहौल है। यहां लाॅ एंड आर्डर की बेहतर स्थिति है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड के नैसर्गिक सौंदर्य को फिल्मों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाए।
महानिदेशक सूचना/मुख्य कार्यकारी अधिकारी फिल्म विकास परिषद डाॅ.पंकज कुमार पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर उत्तराखण्ड में पहली बार इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। एफ.टी.आई. पुणे व उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त तत्वाधान में 6 से 10 जून तक सूचना भवन, रिंग रोड़ में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला में युवाओं को एफ.टी.आई. पुणे से आये विशेषज्ञों द्वारा फिल्म विधा से जुड़ी बारीकियों की जानकारी दी जायेगी। इसके बाद अल्मोड़ा और टिहरी में भी ऐसे कोर्स कराये जायेंगे। इसके अलावा देहरादून में जुलाई, 2018 में पटकथा लेखन कोर्स भी कराया जायेगा। साथ ही अभिनय, डिजीटल छायांकन, डिजीटल फिल्म प्रोडक्शन, टी.वी. धारावाहिक के लिए काल्पनिक लेखन, स्टिल फोटोग्राफी कोर्स के साथ ही छोटे बच्चों के लिए फिल्म मेकिंग और अभिनय संबंधी कोर्स भी तैयार किये गये है। फिल्म एप्रिसियेशन कोर्स के प्रति युवाओं में काफी उत्साह है। पहली बार आयोजित इस कार्यशाला में प्रतिभाग के लिए कुल 126 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
एफ.टी.आई के निदेशक श्री भूपेंद्र कैंथेला ने कहा कि इस कार्यशाला से राज्य में फिल्म निर्माताओं को तकनीकी रूप से दक्ष मेन पावर उपलब्ध होगा। परंतु इसके लिए अभी काफी कुछ किए जाने की आवश्यकता है। युवाओं को सिनेमा को भी रोजगार के एक विकल्प के तौर पर लेना चाहिए। उत्तराखण्ड में फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए काफी कुछ किया जा रहा है। हाल ही में राज्य को फिल्म फ्रेंडली राज्य का अवार्ड मिला था। फिल्म कल्चर को विकसित किए जाने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन अपर निदेशक सूचना डाॅ.अनिल चंदोला ने किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री रमेश भट्ट, कोर्स डायरेक्टर श्री पंकज सक्सेना आदि उपस्थित थे।

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