डाॅ0 निशंक की पुस्तक ‘सफलता के अचूक मंत्र’ के रूसी अनुवाद का विमोचन

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देहरादून-सभापति सरकारी आश्वासन समीति और पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड डाॅ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की हिन्दी की बहुचर्चित पुस्तक ‘सफलता के अचूक मंत्र’ का रूसी अनुवाद का विमोचन हिमालय योग फाउडेशन आॅफ यूक्रेन द्वारा किया गया। इस अवसर पर डाॅ0 निशंक को पर्यावरण रक्षा के क्षेत्र में उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करते डाॅ0 निशंक ने कहा कि यह सम्मान वस्तुतः हर उस व्यक्ति का सम्मान है जो प्रकृति को अपनी माँ मानता है।
इस अवसर पर यूक्रेन में भारतीय राजदूत श्री मनोज भारती, भारतीय सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक कुमार आनंद, यूक्रेन योग फाउडेशन की अध्यक्ष माता सती एवं यूक्रेन सोलर के अध्यक्ष श्री अनातोली क्रावतसोव, यूक्रेन जूडिशियल अकादमी की निदेशक के अलावा कई सामाजिक संगठन के लोग उपस्थित थे। अपने स्वागत भाषण में भारतीय राजदूत ने डाॅ0 निशंक की सफल राजनैतिक और साहित्यिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों क्षेत्र में अत्यधिक चुनौतियों हैं। डाॅ0 निशंक ने अपने बहुआयामी व्यक्तित्व से अपने आपको साहित्य और राजनैतिक क्षेत्र में बखूबी स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पुस्तक के रूसी अनुवाद से न केवल यूक्रेन बल्कि सोवियत विघटन से बने सभी देशों में डाॅ0 निशंक का साहित्य जा सकेगा। उन्होंने डाॅ0 निशंक के पर्यावरण के विषय में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड हिमालय में प्रकृति के साक्षात दर्शन होते हैं और इसके संरक्षण, संवर्द्धन की जिम्मेवारी हम सबकी है।
इस अवसर पर फाउडेशन की अध्यक्ष माता सती ने डाॅ0 निशंक की बेजोड़ साहित्यिक यात्रा के साथ सफल राजनीतिक जीवन पर बधाई दी। इस अवसर पर ‘स्पर्श गंगा’ की यूक्रेन चैप्टर की ब्रांड एम्बेसडर इरीना ने डाॅ0 निशंक की जल संरक्षण, संवर्द्धन के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियान ‘स्पर्श गंगा’’ की चर्चा की। इस अवसर पर यूक्रेन में रह रहे उत्तराखण्ड के प्रवासियों ने डाॅ0 निशंक का जोरदार स्वागत किया।
डाॅ0 निशंक ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उनकी पुस्तक का रूसी भाषा में अनुवाद किया गया है। उन्होंने कहा कि दस से अधिक देशों में यह पुस्तक जाएगी। इससे पूर्व डाॅ0 निशंक का परिचय देते हुए बताया गया कि साठ से अधिक पुस्तकें प्रकाशित करने के बाद डाॅ0 निशंक की रचनाओं का वैश्विक भाषाओं में अनुवाद सुखद अनुभूति है। इस अवसर पर डाॅ0 निशंक को ‘स्पर्श गंगा अभियान’ के लिए यूक्रेन योग फाउडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। फाउडेशन ने डाॅ0 निशंक की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाई जा रही मुहिम पर धन्यवाद किया।
डाॅ0 निशंक ने कहा कि सम्पूर्ण विश्व में शांति, स्थिरता आपसी प्रेम के लिए यह आवश्यक है कि हम मानवीय मूल्यों को समझते हुए प्रकृति से बेहतर समन्वय स्थापित करें।

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