वर्षा जल संरक्षण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाय-मुख्य सचिव

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देहरादून 19 जुलाई, 2018-मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की राज्य स्तरीय बैठक हुई। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित इस बैठक में वर्ष 2018-19 की 787 करोड़ रुपये के वार्षिक कार्य योजना का अनुमोदन दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वर्षा जल संरक्षण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाय।
     प्रमुख सचिव सिंचाई श्री आनंद बर्धन ने बताया कि वर्ष 2017-18 में इस योजना से 10978.47 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे 24711 किसानों को लाभ हुआ है। 49737 मिट्रिक टन अनाज, 6135 मिट्रिक टन दालें, 1182 मिट्रिक टन आयल सीड्स सहित 57054 मिट्रिक टन उत्पादन बढ़ा है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018-19 में कुल 94408.84 हेक्टेयर क्षेत्रफल को आच्छादित किया जाएगा। इससे 64199 लोगों को लाभ होगा। इसमें 927 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1497 जल संरक्षण ढांचा बनाकर 7327 लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। 35 हेक्टेयर सिंचाई चैनल, 20500 पाइप, 912 पूरक सिंचाई प्रणाली, 82 मरम्मत कार्य से 1500 लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। 55880.04 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 3158.95 किलोमीटर गूल, 3178 हौज, 1013475 मीटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। माइक्रो सिंचाई में 7758.8 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित किया जाएगा। इससे 9903 लोगों को लाभ होगा। जलागम के अंतर्गत 4356 जल संरक्षण संरचना, 6200 मीटर पाइप लाइन, 2510 सॉयल मॉइस्चर संरक्षण, 717 हेक्टेयर क्षेत्र में चारा विकास, 2324 स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आजीविका उपलब्ध कराने का कार्य किया जाएगा।
        बैठक में संयुक्त सचिव भारत सरकार डॉ.तारसेम चंद, सचिव कृषि श्री डी.सेंथिल पांडियन, परियोजना निदेशक जलागम श्री कपिल कुमार, अपर सचिव वन श्री धीरज पांडेय, निदेशक कृषि गौरी शंकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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