C.M. paid tributes to Kargil martyrs/ शौर्य दिवस पर मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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Dehradun 26 July, 2018-Uttarakhand Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat on the occasion of  ‘Shaurya Diwas’ paid tributes to the Kargil war martyrs and remembered their sacrifices by placing a wreath at the Kargil Shaheed memorial at Gandhi Park, here on Thursday.

Saluting the sacrifices of the brave soldiers, Chief Minister said that whenever required the brave jawans of the country have sacrificed everything to defend their motherland. It was due to the bravery and valour of the jawans that the frontiers of the country are safe.

Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat said that Kargil war was fought in adverse circumstances but jawans of our army showing indomitable courage and intelligence routed the enemy and thrown them out. The army took revenge of each and every drop of blood of martyred jawans from the enemy. The Kargil war will always be remembered for the bravery of the Indian army.

 He said that when Kargil war will be remembered, the then Prime Minister Atal Bihari Vajpayee will also be remembered for showing immense political will power. During the Kargil war each and every inch of the land of the country was defended, he said.

Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat said that the state government respects the soldiers, ex-servicemen, ‘Veer Naris’ and the families of the martyred soldiers. He said that Additional District Magistrates in each district have been appointed as nodal officers to solve the problems of soldiers, ex-servicemen and their families. “ The soldiers who come on leave have many pending works to do and the administrative officers have been instructed to solve their problems on priority and at the earliest,” he said.

 Chief Minister said that school students on the occasion of ‘Shaurya Diwas’ on July 26 every year will be informed about the bravery of our soldiers.

Ganesh Joshi, legislator said that the Chief Minister himself belong to a family of ex-servicemen and is especially sensitive towards soldiers. He said that a person each from the family of martyred soldiers will be given government job. The state government has given land and sum of Rs. 2.50 crore for War Memorial Boys and Girls Hostel at Danda Lakhuand on Sahastradhara road. ‘Bravery walls’ have been erected in the colleges and universities so that youth gets inspiration from the sacrifices of soldiers.

 Chief Minister honored gallantry awards winning soldiers and officers, family members of martyred soldiers and “Veer Naris”. It was informed in the programme that out of total 527 martyred soldiers and officers, 75 belonged to Uttarakhand while Pakistan lost many times more soldiers.

 Uttarakhand Higher Education Minister Dr. Dhan Singh Rawat, Harbans Kapoor, Khazan Dass and Umesh Sharma, all legislators, Brig. K.G.Behl (retd), Lt. Gen. O.P. Kaushik (retd), senior army officers, soldiers and family members of soldiers and others participated in the programme.

देहरादून 26 जुलाई, 2018- गुरूवार को शौर्य दिवस पर गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कारगिल शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर कारगिल शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने वीर जवानों की शहादत को सलाम करते हुए कहा कि जब भी देश को जरूरत हुई मातृभूमि की रक्षा के लिए हमारे जवान अपना सर्वस्व अर्पण करने के लिए तैयार रहे हैं। सेना के जवानों के, शौर्य व पराक्रम से ही आज  हमारी सरहदें सुरक्षित हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कारगिल का युद्ध विषम परिस्थितियों में लड़ा गया था। फिर भी हमारे जवानों ने सेना ने अप्रतिम साहस व बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए दुश्मनों को बाहर खदेड़ा। कारगिल के युद्ध में हमने अपने जवानों के रक्त के एक-एक कतरे का बदला दुश्मनों से लिया। कारगिल का युद्ध हमारी सेना के पराक्रम के लिए हमेशा जाना जाएगा। कारगिल की लड़ाई जब-जब याद की जाएगी तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को भी याद किया जाएगा। उन्होंने उस समय राजनैतिक इच्छा शक्ति का परिचय दिया। कारगिल का युद्ध ऐसा युद्ध था जब हमने अपनी एक-एक इंच भूमि की रक्षा की।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व शहीद सैनिकों के परिवारजनों का राज्य सरकार सम्मान करती है। प्रत्येक जिले में सैनिकों, पूर्व सैनिकों व उनके परिवारजनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एडीएम को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। सैनिक छुट्टी लेकर जब घर आते हैं तो उनके अपने काम भी होते हैं जो कि उन्हें निपटाने होते हैं। इसलिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सैनिकों की शिकायतों व समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को शौर्य दिवस पर स्कूलों में छात्र-छात्राओं को कारगिल की लड़ाई व हमारे सैनिकों के पराक्रम के बारे में बताया जाएगा।
विधायक श्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं सैनिक परिवार से हैं और वे सैनिकों के प्रति विशेष तौर पर संवेदनशील हैं। शहीद सैनिकों के परिवार में से एक व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा नौकरी प्रदान की जाएगी। सहस्त्रधारा रोड़ स्थित डांडा लखौण्ड में वार मेमोरियल बाॅयज एंड गल्र्स हाॅस्टल बनाया गया गया है। इसके लिए सरकार ने भूमि व 2 करोड़ 50 लाख रूपए की सहायता दी। काॅलेजों व विश्वविद्यालयों में शौर्य दिवारें बनाई गई हैं ताकि हमारे युवा प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पदक विजेता सैन्य अधिकारियों, सैनिकों, शहीद सैनिकों के परिवारजनों, वीर नारियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में बताया गया कि कारगिल की लड़ाई में देश के 527 जवान शहीद हुए इनमें से 75 उत्तराखण्ड के थे। जबकि पाकिस्तान के कई गुना अधिक सैनिक मारे गए।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत, विधायक श्री हरबंस कपूर, श्री खजान दास, श्री उमेश शर्मा, ब्रिगेडियर के.जी.बहल, जनरल ओ.पी.कौशिक, सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, सैनिक, सैनिकों के परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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