Need for having better coordination between government and advocates: CM Trivendra

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Dehradun 28 July, 2018-Under the Chairmanship of Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat, a review meeting with the law officers in the Honorable Courts was organised in the Janata Milan Hall at CM residence on Saturday. In the meeting was MLA Munna Singh Chauhan, Advocate General S.N. Babulkar, Chief Secretary Utpal Kumar Singh, Additional Chief Secretary Om Prakash, Radha Raturi, Principal Secretary Justice Meena Tiwari, Principal Secretary Home Anand Bardhan, Secretary Nitesh Jha, Dilip Jawalkar along with Advocates General, Additional Advocate General, Deputy Advocate General, Advocates-On-Record and other advocates were present.

Chief Minister said that such meetings should be organized in the future as well for having a better coordination between the government and the advocates. Instructions were issued to comply with the suggestions received during the meeting. For the right resolution of court related matters, emphasis was laid on the need for better coordination between government and advocates and teamwork. Chief Minister said that for the early disposal of cases in courts, a team of advocates should be formed department wise. This would enable them to understand the functioning of the department, so that they can submit the cases efficiently in the court. This will provide good results in disposing off court cases in the future. He said that the cases will be disposed off quickly, if they are presented in the courts in highly competent manner. For this, it is important to have a better dialogue. He said that our effort should be to keep our arguments in the courts on time and in the right manner.

Chief Secretary Utpal Kumar Singh said that pertaining to the courts related matter, the government officers, department officers and advocates of the government should coordinate with each other and proceed with efficiency and transparency. He said that in order to ensure as to how the system can be improved, it is necessary to set the responsibility for it and move forward.

State Advocate General S.N. Babulkar said that efforts will be made to resolve the issues, which have been raised by the government and senior advocates in the meeting.

In the meeting, discussions were held on the issues of the measures for timely receipt of writ petitions, improvement in the quality of Counter File of Counter Affidavits, how to establish a better coordination between government officials and advocates in matters of courts and other matters.

देहरादून 28 जुलाई, 2018-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में माननीय न्यायालयों में आबद्ध विधि अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विधायक श्री मुन्ना सिंह चैहान, महाधिवक्ता श्री एस.एन बाबुलकर, मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश, श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव न्याय श्रीमती मीना तिवारी, प्रमुख सचिव गृह श्री आनन्द वर्द्धन, सचिव श्री नितेश झा, श्री दिलीप जावलकर सहित न्यायलयों के महा अधिवक्ता, अपर महाअधिवक्ता, उप महाअधिवक्ता व आॅन रिकाॅर्ड अधिवक्ताओं सहित अन्य अधिवक्ता शामिल थे।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि शासन एवं अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बने इसके लिए इस तरह की बैठकों का आयोजन आगे भी किया जायेगा। बैठक में चर्चा के दौरान आये सुझावों को अनुपालन करने के निर्देश दिये। न्यायालय सम्बन्धी मामलों के सही समाधान के लिए शासन एवं अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय एवं टीम वर्क के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालयों में मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए विभागवार अधिवक्ताओं की टीम बनाई जाय। ताकि विभाग की कार्यप्रणाली को समझकर सभी मामलों को न्यायालय के समक्ष कुशलता पूर्वक प्रस्तुत करें, जिससे आने वाले समय में न्यायालय सम्बन्धी मामलों के निस्तारण में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। न्यायालयों के समक्ष जितनी सक्षमता से हम अपना पक्ष रखेंगे, उतनी तेजी से मामलों का निस्तारण होगा। इसके लिए बेहतर संवाद का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि अदालतों में अपना पक्ष समय पर व सही तरीके से रखा जाए।
मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि न्यायलयों से सम्बन्धित मामलों में शासन के अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को एक दूसरे से समन्वय कर कार्यकुशलता एवं पारदर्शिता के साथ आगे बढना होगा। सिस्टम को किस तरह इम्प्रूव किया जा सकता है, इसके लिए जिम्मेदारी निर्धारित कर आगे बढ़ना होगा।
प्रदेश के महाधिवक्ता श्री एस.एन बाबुलकर ने कहा कि बैठक में शासन एवं वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा जो मसले रखे गये हैं, उनका उचित समाधान किये जाने का प्रयास किया जायेगा।
बैठक में रिट याचिकाओं का समय से प्राप्ति के उपायों, प्रतिशपथपत्रों के काउण्टर फाईल की गुणवत्ता में सुधार, न्यायालयों के मामलों में शासन के अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं के बीच कैसे बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकता है आदि मसलों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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