उत्तराखण्ड में 02 लाख एकड जमीन में आर्गेनिक खेती हेतु कलस्टर बनाये जा रहे है-सुबोध उनियाल

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रूद्रपुर 11 अगस्त  2018- प्रदेश के कृषि,उद्यान एवं फलोद्योग मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में एक स्थानिय होटल में आटोमोबाइल,आटो कम्पोनेन्ट व फूड प्रोसेसिगं के क्षेत्र में प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिये मिनी कान्क्लेव का आयोजन किया गया। कृषि मंत्री ने निवेशकों को सम्बोधित करते हुये कहा उत्तराखण्ड राज्य प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है साथ ही यहा सुरक्षा का वातावरण है तथा यहां निवेश की अपार सम्भावनाएं है। उन्होने कहा बिना औद्योगिक विकास के सम्भावित विकास की कल्पना नही की जा सकती है। उन्होने कहा वर्ष 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा राज्य के विकास हेतु विशेष औद्योगिक पैकिज दिया गया। इसी के कारण प्रदेश में औद्योगिक विकास सम्भव हो सका। उन्होने कहा पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की भी उद्योगों को आगे बढाने में विशेष भूमिका रही। उन्होने कहा उद्योगों हेतु सिंगल विंडों सिस्टम बनाकर सरकार ने संदेश दिया है हम उद्योगों के साथ है। उन्होने कहा उत्तराखण्ड में प्रोसेसिगं सेक्टर,पर्यटन,आटों मोबाइल क्षे़त्र में निवेश किया जा सकता है। उन्होने कहा निवेशकों को आकर्षित करने के लिये आगामी 07 व 08 अक्टूबर को देहरादून में विशाल निवेशक सम्मेलन किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसका उदघाटन किया जायेगा। उन्होने कहा उत्तराखण्ड में 02 लाख एकड जमीन में आर्गेनिक खेती किये जाने हेतु दूरदर्शिता के साथ कलस्टर बनाये जा रहे है। उन्होने कहा शहर के नजदीकी गांवो को बेमौसमी सब्जी व फूलों की खेती के माध्यम से कलस्टर बनाये जायेगें। उन्होने कहा निवेशकों के आने से जहां प्रदेश की आर्थिक स्थित मजबुत होगी वही उत्तराखण्ड से पलायन रूकेगा व लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होने कहा भारत सरकार व राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करना है।
प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पवार ने कहा उत्तराखण्ड में फूड प्रोसेसिंग,मेडिकल प्लान्ट आदि की अपार सम्भावनाये है। उत्तराखण्ड के आर्गेनिक फूड की मांग बढ रही है। उन्होने कहा फूड प्रोसेसिंग की छोटी-छोटी इकाईयां पहाडों में भी स्थापित की जा सकती है। उन्होने कहा भारत सरकार द्वारा तीन राज्यों के लिये 2017 की जो नीति आयी है उसे अवश्य देख लें। उन्होने कहा प्रदेश सरकार सीमित संसाधनों के वावजूद आने वाले निदेशकों को वित्तीय प्रोत्साहन भी दे रही है।
सचिव कृषि डी.सेन्थिल पाण्डियन ने कहा उत्तराखण्ड में फूड प्रोसेसिंग महत्वपूर्ण है। फूड प्रोसेसिंग इकाईया लगने से यहा के उत्पादों की अच्छी कीमत मिलेगी। उन्होने कहा उत्तराखण्ड से दिल्ली तक का आवा-गमन हर समय सुचारू रहता है इस लिये यहां के उतपादों को दिल्ली में अच्छा बाजार मिल सकता है। उन्होने कहा मशरूम,शहद,फ्लोरीकल्चर,बेमौसमी सब्जी आदि का उत्पादन किया जा सकता है। उन्होने कहा हमें कृषि क्षेत्र को विजनस क्षेत्र से जोडना है साथ ही छोटे किसानों को इण्टीग्रेटेड फार्मिग खेती की ओर बढाना है। उन्होने कहा पराम्परागत कृषि योजना के अन्तर्गत 3900 कलस्टरों को विकसित किया जा रहा है। उन्होने कहा सभी विकास खण्डों में एक-एक कलस्टर आवश्यक रूप से बनाया जायेगा।
महा प्रबन्धक सिडकुल सौजन्या ने उद्यमियों को सिंगल बिंडो सिस्टम व उद्योगों हेतु निर्धारित नीतियों की जानकारी दी।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल,संजय सिन्हा,डा0 विजय धस्माना, अध्यक्ष कुमांऊ गढवाल चेम्बर्स अशोक बंशल,अजय तिवारी, डिप्टी सेकेट्री भारत सरकार एसके वर्मा,संदीप गर्ग,अशोक अग्रवाल,संजय गोयल,अनल विजय सिंह,सुमित डोसजे,निदेशक उद्योग एससी नौटियाल ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0सदानन्द दाते व अनेक उद्योगपति व निवेशक उपस्थित थे।

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