Fight against drugs has to be fought together: C.M./ ‘‘नशे के खिलाफ संयुक्त रणनीति’’ पर सम्मेलन

0
5291
Reading Time: 2 minutes

Dehradun 20 August, 2018-Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat participated in the conference organized on “Joint Strategy Against Drugs” in Chandigarh on Monday. Organised by Haryana government, the joint conference was attended by the Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh, Haryana Chief Minister Mr. Manohar Lal Khattar and senior officers of the concerned states. During the conference, detailed discussions were held regarding the problem of drugs and to formulate a strategy to jointly fight with the drug menace.

  • Social awareness and coordination between police of different states important
  • Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat participated in the conference organized on “Joint Strategy Against Drugs” in Chandigarh
  • Chief Minister of Punjab and Haryana also participated in the conference

Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat said that Uttarakhand government is fully committed to extend every possible support in the fight against drugs. He said that problem of drugs is not confined to just one or two states. In order to effectively deal with the problem, all the concerned states will have to jointly formulate a strategy. Especially, the states of Punjab, Haryana, Uttarakhand and Himachal Pradesh have to work together in this regard. These states have to establish a better coordination with the police.

Chief Minister stressed on strengthening of the intelligence network, while adding that information and data sharing was critical to making the fight against drugs a success. He said that it is a matter of great concern that out youth are getting trapped in drugs. He said that in order to save our youth from drug mafia, a fool-proof plan has to be made besides ensuring its effective implementation. In this, special focus has to be kept on educational institutions. Teachers, guardians and voluntary organizations will have to be taken along in the fight against drugs. Apart from being a legal problem, drug menace is a social problem as well. In order to end the drug menace, mass awareness is very important.

हरियाणा/देहरादून 20 अगस्त, 2018-सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चंडीगढ़ में ‘‘नशे के खिलाफ संयुक्त रणनीति’’ पर आयोजित सम्मेलन में प्रतिभाग किया। हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित संयुक्त सम्मेलन में पंजाब के मुख्यमंत्री श्री अमरिन्दर सिंह व हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर सहित संबंधित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन ड्रग्स की समस्या व इससे संयुक्त रूप से लड़ने के लिए रणनीति बनाने पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया।
  • सामाजिक जागरूकता व विभिन्न राज्यों की पुलिस में आपसी समन्वय जरूरी।
  • मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चंडीगढ़ में ‘‘नशे के खिलाफ संयुक्त रणनीति’’ पर आयोजित सम्मेलन में प्रतिभाग किया।
  • पंजाब व हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने भी सम्मेलन में शिरकत की। 
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई में सहयोग के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है। ड्रग्स की समस्या एक-दो राज्यों की समस्या नहीं है। इससे प्रभावी तौर पर निपटने के लिए सभी संबंधित राज्यों को मिलकर रणनीति बनानी होगी। विशेष तौर पर पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश को मिलकर काम करना होगा। इन राज्यों की पुलिस में बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा। मुख्यमंत्री ने खुफिया तंत्र को मजबूत करते हुए एक-दूसरे से सूचनाओं को साझा किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही चिंताजनक है कि हमारे युवा नशे के जाल में फंसते जा रहे हैं। अपने युवाओं को ड्रग्स माफिया से बचाने के लिए फूल प्रूफ प्लान बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा। इसमें शिक्षण संस्थानों पर विशेष नजर रखनी होगी। नशे के खिलाफ लड़ाई में अध्यापकों, अभिभावकों व स्वयं सेवी संस्थाओं को भी साथ लेना होगा। नशा कानूनी समस्या के साथ ही सामाजिक समस्या भी है। नशे की समस्या को जड़ से मिटाने के लिए व्यापक जन जागरूकता बहुत जरूरी है।

LEAVE A REPLY