CM Rawat launch Nutrition campaign to check malnutrition amongst women, children

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Dehradun 07 September, 2018(DIPR)-Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat formally inaugurated the state level workshop and nutrition campaign under the National Nutrition campaign organized by ICDS department at IRDT auditorium at Survey Chowk at Friday. On this occasion, Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat also released the calendar and nutrition song prepared by Women Empowerment and Child Development department.

It has to mentioned that the objective of the National Nutrition Mission is to eradicate malnutrition and anemia amongst infants and women and check patchiness in children. In this project, pregnant women, lactating mother and children below three years old have been included.  There have been investments in enhancing the skills of the ICDS employees and Community Nutrition workers in the project.

Addressing the programme, Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat said that effective steps being taken under the “Prime Ministers’ Matra Vandana Yojna” and National Nutrition Mission to eradicate malnutrition amongst women and children.  He said that the traditional foods of Uttarakhand hills are full of nutrition. He further said that local grains, vegetables, fruits found in the forests and vegetation are nutritious and our elders have adopted healthy eating traditions. He said that the state has very rich traditions regarding eating habits. The Chief Minister said that ‘Mandua’ is being considered one of the best nutritious food for mother and child.

He said that we have to get connected with our rich traditions to get rid of malnutrition and the new generation has to be made aware of the traditional local foods.

He further said that all the departments have to work in coordination to eradicate malnutrition. The Aanganbari centres have to play their important role in ending malnutrition.  He said that cleanliness has to play an important role in checking diseases and malnutrition. There is need to make common people aware about cleanliness and vaccination. Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat said that women needed to be made aware about nutrition campaign.” We need to start a public campaign on malnutrition so that we can have a healthy state and healthy nation,” he said.

Chief Minister Mr. Trivendra Singh Rawat said that a complete society could only be ensured by making women healthy, educated and aware. “ Only a healthy mother could rear children in a better was and make a strong young generation,” he added.

  Chief Minister said that state government has decided to develop 670 Nyaya panchayats as growth centres.  Out of these, 107 panchayats have been selected. The main objective of growth centres is to get local products produced, processed, graded, packaged, branded with value addition by local people. The women will be given priority in the growth centres so that the problem of women empowerment and malnutrition could also be taken care off. Her said that 50 per cent of the local produce are organic and by promoting, processing and value addition, the national and international demand of such products could be increased.  The state has implemented “Pirul” policy in the state.

 Rekha Arya, Minister of Women Empowerment and Child Development said that Chief Minister Child Nutrition Campaign has been launched in the state to eradicate malnutrition. Under Integrated Child development scheme, take home rations are being distributed as supplementary nutrition. Every fifth of each month is observed as weight and nutrition day and beneficiaries are given meals through Aanganbari centres. Under the “Khilti Kaliyan”programme, an innovative experiment has been launched to provide nutritional food prepared from local products.

Additional Chief Secretary Radha Raturi said that nutritional food prepared from local products for malnourished children was started from Dehradun which had encouraging results. After the success, the same is being replicated in all the districts of the state so that children could get nutritious food to check mal nutrition. She also gave details about the “Prime Minister Matra Vandana Yojna” being implemented in the state.

Dr.V.K. Pal,member,Niti Ayog and Rajesh Kumar, Joint Secretary, Government of India were also present on the occasion .

देहरादून 07 सितम्बर, 2018(सू.ब्यूरो)-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को आई.आर.डी.टी. प्रेक्षागृह, सर्वे चौक देहरादून में आई.सी.डी.एस. विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत राज्य स्तरीय कार्यशाला व पोषण अभियान का विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रकाशित कैलेण्डर व पोषण गीत का विमोचन किया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय पोषण मिशन का उद्देश्य ठिगनापन, अल्पपोषण दूर करना व छोटे बच्चों, महिलाओं एवं किशोरियों में एनीमिया को कम करना है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और तीन साल के कम आयु के बच्चों को शामिल किया जाएगा। योजना में आई.सी.डी.एस. कर्मचारियों तथा सामुदायिक पोषक कार्यकर्ताओं में कौशल व क्षमता में सुधार लाने के लिए निवेश किया जाएगा।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना व राष्ट्रीय पोषण अभियान के द्वारा महिला व बाल कुपोषण को समाप्त करने हेतु प्रभावी प्रयास किए जा रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के परम्परागत पर्वतीय खानपान पौष्टिक तत्वों से भरपूर है। हमारा स्थानीय अनाज, सब्जियॉं, वनों से मिलने वाले फल-फूल, वनस्पति, अत्यन्त पौष्टिक है। हमारे बुर्जुगों ने खानपान की स्वास्थ्यवर्द्धक परम्पराओं को अपनाया था। खानपान की दृष्टि से हम परम्परागत रूप से अति सम्पन्न है। आज विश्व में मंडुए को जच्चा-बच्चा के लिए सर्वाधिक पौष्टिक आहार माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण को दूर करने के लिए भी हमें अपनी समृद्ध परम्पराओं से जुड़े रहना होगा। नई पीढ़ियों को भी परम्परागत स्थानीय खाद्यान्नों के प्रति जागरूक करना होगा। कुपोषण को समाप्त करने के लिए सभी विभागों को मिलजुल कर कार्य करना होगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों को बाल कुपोषण को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। कुपोषण को दूर करने व बिमारियों से बचाव में स्वच्छता का विशेष महत्व है। आमजन को स्वच्छता व टीकाकरण के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पोषण अभियान के प्रति आमजन विशेषकर महिलाओं को जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। हमें कुपोषण के प्रति जन अभियान चलाना होगा ताकि हम पूर्णतः स्वस्थ राज्य व देश बन सके।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि महिलाओं को स्वस्थ्य, शिक्षित व जागरूक बनाकर ही सम्पूर्ण समाज का विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। स्वस्थ एवं सशक्त मॉं ही बच्चों का बेहतर पालन-पोषण कर सकती है एवं सशक्त नई पीढ़ी का निर्माण कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें से 107 को चयन कर लिया गया है। गांव के आस-पास के स्थानीय उत्पादों का उत्पादन, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिग, वैल्यू एडिशन आदि स्थानीय लोगों के माध्यम करवाने की मूल परिकल्पना पर आधारित न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर के रूप विकसित किया जा रहा है। ग्रोथ सेन्टरों में महिला लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिससे महिला सशक्तिकरण व बाल कुपोषण जैसी समस्याओं का भी समाधान हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का 50 प्रतिशत हिस्सा ऑर्गेनिक है। स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण व वैल्यू एडिशन द्वारा राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मांग व आपूर्ति बढ़ाई जा सकेगी। राज्य सरकार द्वारा पिरूल नीति लागू कर दी गई है।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि राज्य को कुपोषण मुक्त करने के लिये मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान आरम्भ किया गया है। समेकित बाल विकास सेवाओं के तहत टेक होम राशन अनुपूरक पोषाहार के रूप में वितरित किया जा रहा है। प्रत्येक माह की 05 तारीख को वजन एवं पोषण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिस दिन समस्त लाभार्थियों को आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से पोषाहार वितरित किया जाता है। राज्य में ’’खिलती कलियां’’ कुपोषण से मुक्ति हेतु अभियान के तहत अभिनव प्रयोग के तौर पर कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के लिये स्थानीय खाद्यान्नों पर आधारित पूरक पोषाहार की सामग्री तैयार की गई है।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के लिये स्थानीय खाद्यान्नों पर आधारित पूरक पोषाहार की सामग्री प्रथम चरण में देहरादून जनपद से आरम्भ किया गया, जिसका परिणाम सकारात्मक रहा है। सफल परिणाम के उपरान्त, राज्य के सभी जनपदों में कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को इसे उपलब्ध करवाया जा रहा है, ताकि बच्चों को अतिरिक्त पोषक तत्व खिलाकर कुपोषण से मुक्त किया जा सकें। श्रीमती रतूड़ी ने प्रदेश में संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ.वी.के.पाल, सयुंक्त सचिव भारत सरकार श्री राजेश कुमार भी उपस्थित थे।

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