Skip to content
final logo GALAXY

Primary Menu
  • Home
  • LATEST
  • UTTARAKHAND NEWS
  • NATIONAL NEWS
  • INTERNATIONAL NEWS
  • HARYANA NEWS
  • PUNJAB NEWS
  • ARTICLES
  • STATES NEWS
  • CONTACT US
Live
  • Home
  • मिट्टी से मिट्टी तक : आईआईटी रुड़की का भूसे से पर्यावरण-अनुकूल टेबलवेयर बनाने का नवाचार
  • UTTARAKHAND NEWS

मिट्टी से मिट्टी तक : आईआईटी रुड़की का भूसे से पर्यावरण-अनुकूल टेबलवेयर बनाने का नवाचार

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) October 4, 2025 1 minute read
.

– प्लास्टिक प्रदूषण और पराली जलाने की दोहरी चुनौतियों का समाधान करते हुए किसानों की आय में वृद्धि

– इनोपैप लैब द्वारा गेहूँ के भूसे को बायोडिग्रेडेबल, कम्पोस्टेबल, खाद्य-सुरक्षित टेबलवेयर में परिवर्तित किया गया

– स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत एवं संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप

– पैरासन मशीनरी के साथ उद्योग साझेदारी से लैब-टू-मार्केट संक्रमण को गति

PIB Dehradun/रूडकी-आईआईटी रुड़की पर्यावरणीय चुनौतियों के लिए स्थायी और अभिनव समाधानों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। संस्थान की इनोपैप लैब (Innovation in Paper & Packaging Lab) ने पैरासन मशीनरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, औरंगाबाद के सहयोग से गेहूँ के भूसे से बने पर्यावरण-अनुकूल टेबलवेयर का सफलतापूर्वक विकास किया है — एक ऐसा कृषि अवशेष जिसे आमतौर पर कटाई के बाद जला दिया जाता है।

यह प्रौद्योगिकी एक साथ दो गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं — फसल अवशेष जलाने और एकल-उपयोग प्लास्टिक के प्रदूषण — का समाधान प्रस्तुत करती है। गेहूँ के भूसे को ढाले हुए, जैव-अवक्रमणीय और कम्पोस्टेबल टेबलवेयर में बदलकर, इस तकनीक ने “मिट्टी से मिट्टी तक” के दर्शन को मूर्त रूप दिया है — जो धरती से उत्पन्न होकर उपयोग के बाद पुनः धरती में समा जाता है।

कागज़ प्रौद्योगिकी विभाग के प्रो. विभोर के. रस्तोगी, जिन्होंने इस परियोजना का नेतृत्व किया, ने कहा, “यह शोध दर्शाता है कि कैसे रोज़मर्रा की फसल के अवशेषों को उच्च-गुणवत्ता वाले, पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकता है। यह विज्ञान और इंजीनियरिंग की उस क्षमता को दर्शाता है जो पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित और आर्थिक रूप से व्यवहार्य समाधान प्रदान कर सकती है।”

भारत में हर वर्ष लगभग 35 करोड़ टन कृषि अपशिष्ट उत्पन्न होता है, जिसका बड़ा हिस्सा जला दिया जाता है या बेकार छोड़ दिया जाता है। यह नवाचार न केवल इस पर्यावरणीय हानि को रोकता है बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत प्रदान कर अपशिष्ट को संपदा में बदलने वाले चक्रीय अर्थव्यवस्था मॉडल की दिशा में कदम है।

यह पहल स्वच्छ भारत मिशन, आत्मनिर्भर भारत और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) — विशेष रूप से SDG 12 (जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन) तथा SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) — के अनुरूप है।

आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा, “यह नवाचार समाज की वास्तविक चुनौतियों का समाधान करने के प्रति आईआईटी रुड़की की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह स्वच्छ भारत और मेक इन इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मज़बूती प्रदान करता है तथा प्रयोगशाला अनुसंधान को व्यावहारिक प्रभाव में बदलने का उदाहरण है।”

इस परियोजना में जैस्मीन कौर (पीएचडी छात्रा) एवं डॉ. राहुल रंजन (पोस्ट-डॉक्टरल शोधकर्ता) ने मोल्डेड टेबलवेयर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने इसे एक उदाहरण बताया कि कैसे युवा शोधकर्ता स्थायी भविष्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।

आईआईटी रुड़की का यह नवाचार दर्शाता है कि अनुसंधान न केवल पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान कर सकता है, बल्कि कृषि, उद्योग और समाज को एक साथ लाभान्वित करते हुए एक स्वच्छ, स्वस्थ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे सकता है।

 

About the Author

Avatar

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics)

Administrator

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: प्रदेशभर में मेडिकल स्टोर्स पर एफ.डी.ए. की छापेमारी शुरू, CM के निर्देश पर प्रतिबंधित कफ सिरप पर सख्त कार्रवाई
Next: सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने लैंसडाउन स्थित दुर्गा मंदिर में की पूजा-अर्चना

Related Stories

उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी
  • UTTARAKHAND NEWS

उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) August 17, 2026
उत्तराखण्ड सचिवालय रक्षक संघ की नई कार्यकारिणी सर्वसम्मति से निर्वाचित
  • UTTARAKHAND NEWS

उत्तराखण्ड सचिवालय रक्षक संघ की नई कार्यकारिणी सर्वसम्मति से निर्वाचित

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) August 17, 2026
टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू अभियान तेज, हर संभावित स्थान पर बारीकी से खोजबीन
  • UTTARAKHAND NEWS

टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू अभियान तेज, हर संभावित स्थान पर बारीकी से खोजबीन

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) August 16, 2026

RECENT POSTS

  • उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी August 17, 2026
  • उत्तराखण्ड सचिवालय रक्षक संघ की नई कार्यकारिणी सर्वसम्मति से निर्वाचित August 17, 2026
  • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मधुमेह की रोकथाम को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने का किया आह्वान August 16, 2026

You may have missed

उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी
  • UTTARAKHAND NEWS

उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) August 17, 2026
उत्तराखण्ड सचिवालय रक्षक संघ की नई कार्यकारिणी सर्वसम्मति से निर्वाचित
  • UTTARAKHAND NEWS

उत्तराखण्ड सचिवालय रक्षक संघ की नई कार्यकारिणी सर्वसम्मति से निर्वाचित

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) August 17, 2026
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मधुमेह की रोकथाम को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने का किया आह्वान
  • NATIONAL NEWS

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मधुमेह की रोकथाम को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने का किया आह्वान

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) August 16, 2026
टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू अभियान तेज, हर संभावित स्थान पर बारीकी से खोजबीन
  • UTTARAKHAND NEWS

टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू अभियान तेज, हर संभावित स्थान पर बारीकी से खोजबीन

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) August 16, 2026
Copyright © All rights reserved. Subject to Dehradun Jurisdiction Only in case of any dispute. | MoreNews by AF themes.