Skip to content
final logo GALAXY

Banner 728x90
Primary Menu
  • Home
  • LATEST
  • UTTARAKHAND NEWS
  • NATIONAL NEWS
  • INTERNATIONAL NEWS
  • HARYANA NEWS
  • PUNJAB NEWS
  • ARTICLES
  • STATES NEWS
  • CONTACT US
Live
  • Home
  • IIT रुड़की के अध्ययन में शिव मंदिरों का प्राकृतिक संसाधनों के हॉटस्पॉट के साथ संरेखण पाया गया
  • UTTARAKHAND NEWS

IIT रुड़की के अध्ययन में शिव मंदिरों का प्राकृतिक संसाधनों के हॉटस्पॉट के साथ संरेखण पाया गया

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) September 24, 2025 1 minute read
.

PIB Dehradun:-

रुड़की : प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक विश्लेषण को जोड़ते हुए आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं ने अमृता विश्व विद्यापीठम (भारत) एवं उप्साला विश्वविद्यालय (स्वीडन) के सहयोग से एक ऐतिहासिक अध्ययन किया है। इसमें पाया गया कि देशभर के आठ प्रमुख शिव मंदिरों का स्थान न केवल गहन आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि जल, ऊर्जा और खाद्य उत्पादकता के उच्च केंद्रों से भी मेल खाता है।

ह्यूमैनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज कम्युनिकेशंस (नेचर पोर्टफोलियो) में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, केदारनाथ (उत्तराखंड) से लेकर रामेश्वरम (तमिलनाडु) तक ये मंदिर 79° पूर्वी देशांतर रेखा के आसपास स्थित शिव शक्ति अक्ष रेखा (SSAR) पर पाए गए। उपग्रह डेटा और पर्यावरणीय विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि यह संरेखण जल संसाधन उपलब्धता, कृषि उपज और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता से समृद्ध क्षेत्रों में है।

मुख्य अन्वेषक प्रो. के.एस. काशीविश्वनाथन (डब्ल्यूआरडीएम विभाग, आईआईटी रुड़की) ने कहा कि यह शोध दर्शाता है कि प्राचीन भारतीय सभ्यताओं को प्रकृति एवं स्थायित्व की गहरी समझ रही होगी, जिसने मंदिर निर्माण के स्थान चयन में मार्गदर्शन दिया। निदेशक, आईआईटी रुड़की, प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि यह अध्ययन इस बात का प्रमाण है कि प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।

अध्ययन में बताया गया कि ये मंदिर केवल आस्था स्थल ही नहीं बल्कि पंचतत्वों (पंचभूत) के प्रतीक और संसाधन नियोजन के सभ्यतागत संकेतक भी रहे होंगे। प्रमुख लेखक भाबेश दास ने कहा कि प्राचीन मंदिर निर्माता पर्यावरण योजनाकार भी थे, जिनके निर्णय भूमि, जल और ऊर्जा संसाधनों की गहरी समझ से प्रेरित थे। सह-अन्वेषक प्रो. थंगा राज चेलिया ने इसे एक उल्लेखनीय अंतःविषय सहयोग बताया, जो विरासत और जलवायु लचीलेपन के बीच सेतु का काम करता है।

यह निष्कर्ष दर्शाते हैं कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर में रणनीतिक पर्यावरणीय अंतर्दृष्टि निहित है, जिसे आज सतत विकास और जलवायु चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए पुनः लागू किया जा सकता है।

About the Author

Avatar

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics)

Administrator

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: लुत्‍फ उठाइए भविष्य के स्वाद का – चिराग पासवान
Next: आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रभावितों को वितरित की राहत सामग्री

Related Stories

श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है-मुख्यमंत्री धामी
  • UTTARAKHAND NEWS

श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है-मुख्यमंत्री धामी

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) June 22, 2026
मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान
  • UTTARAKHAND NEWS

मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) June 21, 2026
4,400 श्रमिकों को 11 करोड़ रुपये वितरित किए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने
  • UTTARAKHAND NEWS

4,400 श्रमिकों को 11 करोड़ रुपये वितरित किए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) June 20, 2026

Video Adv

https://galaxyinformer.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-COMPRESS-2-4-Year-Journey-2026-2-Min-video-converter.com_.mp4

RECENT POSTS

  • श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है-मुख्यमंत्री धामी June 22, 2026
  • मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान June 21, 2026
  • 4,400 श्रमिकों को 11 करोड़ रुपये वितरित किए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने June 20, 2026

You may have missed

श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है-मुख्यमंत्री धामी
  • UTTARAKHAND NEWS

श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है-मुख्यमंत्री धामी

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) June 22, 2026
मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान
  • UTTARAKHAND NEWS

मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) June 21, 2026
4,400 श्रमिकों को 11 करोड़ रुपये वितरित किए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने
  • UTTARAKHAND NEWS

4,400 श्रमिकों को 11 करोड़ रुपये वितरित किए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) June 20, 2026
PIB Dehradun Organises Regional Media Workshop “Vartalap” in Pithoragarh
  • UTTARAKHAND NEWS

PIB Dehradun Organises Regional Media Workshop “Vartalap” in Pithoragarh

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) June 20, 2026
Copyright © All rights reserved. Subject to Dehradun Jurisdiction Only in case of any dispute. | MoreNews by AF themes.