Skip to content
final logo GALAXY

Banner 728x90
Primary Menu
  • Home
  • LATEST
  • UTTARAKHAND NEWS
  • NATIONAL NEWS
  • INTERNATIONAL NEWS
  • HARYANA NEWS
  • PUNJAB NEWS
  • ARTICLES
  • STATES NEWS
  • CONTACT US
Live
  • Home
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सतत संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया; सामुदायिक भागीदारी एवं पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर दिया जोर
  • UTTARAKHAND NEWS

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सतत संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया; सामुदायिक भागीदारी एवं पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर दिया जोर

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) April 29, 2026 1 minute read
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सतत संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया; सामुदायिक भागीदारी एवं पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर दिया जोर
.

PIB Dehradun-बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नैनीताल में सतत विकास एवं पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों – सरकारी संस्थानों, पंचायती राज संस्थाओं, नगरीय निकायों, वन पंचायतों तथा नागरिकों – की संयुक्त एवं सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का सम्मान करना दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता और राष्ट्रीय प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है।

नैनीताल स्थित डॉ. रघुनंदन सिंह टोलिया प्रशासनिक अकादमी में वन पंचायत प्रतिनिधियों तथा त्रिस्तरीय पंचायत व स्थानीय शहरी निकाय के निर्वाचित सदस्यों को संबोधित करते हुए श्री बिरला ने कहा कि उत्तराखंड की वन पंचायतें सामुदायिक भागीदारी आधारित वन प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनकर उभरी हैं, जो न केवल वन संरक्षण एवं संवर्धन में योगदान दे रही हैं, बल्कि रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव, चुनौतियों और सुझावों को भी सुना।

वन पंचायतों को “भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे सशक्त कड़ी” बताते हुए श्री बिरला ने कहा कि जमीनी स्तर की संस्थाएं संरक्षण और सुशासन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वन पंचायत से संवाद करना मेरे लिए लोकतंत्र की सबसे सशक्त कड़ी से मिलने जैसा है। उन्होंने कहा कि यहॉं की पंचायतों का अनुभव दिल्ली की पंचायत से कम नहीं है।

जल, जंगल और जमीन के पारस्परिक संबंध को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि ये प्राकृतिक संसाधन पारिस्थितिक संतुलन और मानव जीवन के आधार हैं। इनका संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व है, जिसके लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय विरासत की सराहना करते हुए श्री बिरला ने कहा कि यह राज्य मानव और प्रकृति के सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने स्थानीय समुदायों के अमूल्य योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि जल और वृक्षों के प्रति श्रद्धा जैसी परंपराएं आज भी सतत जीवनशैली का मार्गदर्शन कर रही हैं।

राज्य के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल में वन संसाधनों के दोहन के विरुद्ध स्थानीय समुदायों ने प्रभावी प्रतिरोध किया। 1930 के दशक से वन संरक्षण, सुरक्षा और अधिकारों के लिए निरंतर कानून एवं नीतिगत प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में शेष चुनौतियों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

उन्होंने स्थानीय समुदायों की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि वन और वन्यजीवों का संरक्षण तभी संभव है जब इनसे जुड़े लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं, नगरीय निकायों और वन पंचायतों से आह्वान किया कि वे जनभागीदारी को बढ़ावा दें, पर्यावरण अनुकूल आजीविका के अवसर विकसित करें तथा संतुलित एवं सतत विकास सुनिश्चित करें।

योग और आयुर्वेद की वैश्विक बढ़ती स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि उत्तराखंड इन पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने वन पंचायतों के सहयोग से औषधीय पौधों के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने, उनके वैल्यू एडिशन, शोध और आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ एकीकरण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एलोपैथी में व्यापक शोध हुआ है, किंतु औषधीय पौधों और पारंपरिक ज्ञान पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय समुदायों के पास व्यावहारिक और अनुभवजन्य ज्ञान का भंडार है, विशेषकर वनाग्नि जैसी चुनौतियों से निपटने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है, जहां अंतिम व्यक्ति की आवाज भी शासन-प्रशासन तक पहुंचती है और उसे महत्व दिया जाता है।

जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड का वन पंचायत मॉडल विश्व के लिए उदाहरण बन सकता है। उन्होंने राज्य में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि वन संरक्षण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

संवाद के दौरान वन पंचायत प्रतिनिधियों ने वनाग्नि रोकथाम, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग से संबंधित मुद्दों पर अपने विचार रखे। श्री बिरला ने उनके सुझावों और समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर सांसद श्री अजय भट्ट ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Post navigation

About the Author

Avatar

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics)

Administrator

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 133वाँ संस्करण सुना
Next: जल जीवन मिशन 2.0 के तहत उत्तराखंड, कर्नाटक और त्रिपुरा के साथ सुधार संबंधी समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए

Related Stories

हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश
  • UTTARAKHAND NEWS

हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) July 14, 2026
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने पर्यटन विभाग की समीक्षा की
  • UTTARAKHAND NEWS

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने पर्यटन विभाग की समीक्षा की

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) July 14, 2026
पीएम आवास योजना के कार्यों में देरी पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, 15 अगस्त से पहले परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश
  • UTTARAKHAND NEWS

पीएम आवास योजना के कार्यों में देरी पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, 15 अगस्त से पहले परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) July 14, 2026

Video Adv

https://galaxyinformer.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-COMPRESS-2-4-Year-Journey-2026-2-Min-video-converter.com_.mp4

RECENT POSTS

  • मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने पर्यटन विभाग की समीक्षा की July 14, 2026
  • हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश July 14, 2026
  • पीएम आवास योजना के कार्यों में देरी पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, 15 अगस्त से पहले परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश July 14, 2026

You may have missed

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने पर्यटन विभाग की समीक्षा की
  • UTTARAKHAND NEWS

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने पर्यटन विभाग की समीक्षा की

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) July 14, 2026
हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश
  • UTTARAKHAND NEWS

हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) July 14, 2026
पीएम आवास योजना के कार्यों में देरी पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, 15 अगस्त से पहले परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश
  • UTTARAKHAND NEWS

पीएम आवास योजना के कार्यों में देरी पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, 15 अगस्त से पहले परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) July 14, 2026
‘‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’’ पर हर्रावाला से वेरावल के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ
  • UTTARAKHAND NEWS

‘‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’’ पर हर्रावाला से वेरावल के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) July 13, 2026
Copyright © All rights reserved. Subject to Dehradun Jurisdiction Only in case of any dispute. | MoreNews by AF themes.