Skip to content
final logo GALAXY

AAA top combined
Primary Menu
  • Home
  • LATEST
  • UTTARAKHAND NEWS
  • NATIONAL NEWS
  • INTERNATIONAL NEWS
  • HARYANA NEWS
  • PUNJAB NEWS
  • ARTICLES
  • STATES NEWS
  • CONTACT US
Live
  • Home
  • उत्तराखण्ड में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली का परीक्षण
  • UTTARAKHAND NEWS

उत्तराखण्ड में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली का परीक्षण

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) October 9, 2026 1 minute read
उत्तराखण्ड में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली का परीक्षण
.

देहरादून-उत्तराखण्ड में  भूकम्प के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा राज्य में स्थापित भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे सायरन बजाकर परीक्षण किया गया। इस दौरान राज्य में स्थापित 112 सायरनों पर अलर्ट प्राप्त हुआ। इसके साथ ही भूदेव मोबाइल ऐप पर भी परीक्षण चेतावनी प्राप्त हुई। इस माॅक ड्रिल के माध्यम से भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत स्थापित सायरन और सेंसरों का परीक्षण किया गया। बता दें कि मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने प्रत्येक माह की 09 तरीख को पूर्वाह्न 11 बजे परीक्षण करने के लिए सायरन बजाने के निर्देश दिए हैं।

परीक्षण के दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) में उपस्थित रहे तथा माॅक ड्रिल की निगरानी की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के वैज्ञानिक ऑनलाइन माध्यम से एसईओसी से जुड़े रहे और परीक्षण की प्रक्रिया की निगरानी की। इस दौरान सायरनों की कार्यप्रणाली तथा मोबाइल ऐप पर प्राप्त चेतावनी का अवलोकन किया गया, ताकि प्रणाली की स्थिति का आकलन किया जा सके। सचिव श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली का परीक्षण काफी हद तक सफल रहा है। परीक्षण के दौरान जिन स्थानों पर सायरनों के संचालन में तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं, उन्हें आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों द्वारा चिन्हित किया जा रहा है। संबंधित कमियों का आकलन कर उन्हें दूर कराया जाएगा, ताकि सभी सायरन आवश्यकतानुसार प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।

उन्होंने कहा कि इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्थापित भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली की वास्तविक कार्यक्षमता का आकलन करना है। इसके माध्यम से भूकम्पीय गतिविधियों का पता लगाने के लिए स्थापित सेंसर और चेतावनी प्रसारित करने के लिए लगाए गए सायरन सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच की गई। नियमित परीक्षण से तकनीकी खामियों की पहचान करने तथा उन्हें समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी। इससे वास्तविक भूकम्प की स्थिति में चेतावनी प्रणाली की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को बेहतर बनाया जा सकता है।

श्री सुमन ने बताया कि वर्तमान में राज्य में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित किए गए हैं। इन उपकरणों के माध्यम से भूकम्पीय गतिविधियों की निगरानी और समय रहते चेतावनी प्रसारित करने की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। सायरनों का नियमित परीक्षण इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवश्यकता पड़ने पर लोगों तक चेतावनी पहुंचाने में कोई तकनीकी बाधा न आए।

उन्होंने कहा कि इस तरह के परीक्षण का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य आमजन को सायरन की आवाज से परिचित कराना भी था। इससे लोग यह समझ सकेंगे कि सायरन बजने पर उन्हें सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज बजाया गया सायरन पूर्व निर्धारित परीक्षण का हिस्सा था, न कि किसी वास्तविक भूकम्प की चेतावनी।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने आमजन से अपील की है कि वे अपने मोबाइल फोन में भूदेव ऐप का अद्यतन संस्करण इंस्टॉल रखें और ऐप को लोकेशन की अनुमति प्रदान करें, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में चेतावनी संदेश प्राप्त करने में सुविधा हो। उन्होंने कहा कि भूकम्प जैसी आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ जनजागरूकता और व्यक्तिगत सतर्कता भी आवश्यक है। राज्य सरकार भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने तथा तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए संबंधित संस्थानों के सहयोग से निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा आदि उपस्थित रहे।

हर माह होगी सायरन एवं प्रणाली की जांच
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के अनुसार प्रत्येक माह की 09 तारीख को पूर्वाह्न 11 बजे बजने वाला सायरन प्रणाली के नियमित परीक्षण का हिस्सा होगा। इस दौरान यह जांच की जाएगी कि राज्य में स्थापित सायरन सही ढंग से कार्य कर रहे हैं या नहीं। यदि किसी स्थान पर सायरन के संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराने की कार्रवाई की जाएगी। इस नियमित परीक्षण से तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान की जा सकेगी और वास्तविक आपदा के समय चेतावनी प्रणाली के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित किया जा सकेगा।

राज्य में 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित
सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत 169 सेंसर तथा 112 सायरन स्थापित किए गए हैं। इन सेंसरों के माध्यम से भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी की जाती है और निर्धारित प्रणाली के माध्यम से चेतावनी प्रसारित की जाती है। उन्होंने बताया कि यूएसडीएमए एवं आईआईटी रुड़की के सहयोग से भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली परियोजना के अंतर्गत और अधिक सेंसर स्थापित किए जाने का प्रस्ताव गतिमान है। अतिरिक्त सेंसर स्थापित होने से भविष्य में होने वाली भूकम्पीय घटनाओं की निगरानी और चेतावनी प्रणाली की क्षमता में और सुधार होगा तथा भूकम्पीय घटनाओं की चेतावनी/सूचना अधिक सटीकता से प्राप्त की जा सकेगी।

Post navigation

About the Author

Avatar

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics)

Administrator

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: भांग, अफीम, गांजा और चरस की खेती व कारोबार मिलने पर संबंधित पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी होंगे जिम्मेदार

Related Stories

भांग, अफीम, गांजा और चरस की खेती व कारोबार मिलने पर संबंधित पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी होंगे जिम्मेदार
  • UTTARAKHAND NEWS

भांग, अफीम, गांजा और चरस की खेती व कारोबार मिलने पर संबंधित पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी होंगे जिम्मेदार

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) October 9, 2026
मतदाता सूची से वंचित पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान
  • UTTARAKHAND NEWS

मतदाता सूची से वंचित पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) October 7, 2026
आधुनिक तकनीक से समृद्ध होंगे उत्तराखण्ड के 2 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक
  • UTTARAKHAND NEWS

आधुनिक तकनीक से समृद्ध होंगे उत्तराखण्ड के 2 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) October 7, 2026

Video Adv 1

https://galaxyinformer.com/wp-content/uploads/2026/10/Y-swarojgar-portal.mp4

Video Adv 2

https://galaxyinformer.com/wp-content/uploads/2026/10/Z-uttarakhand-poral.mp4

Banner Adv

d 300x250 (Top)

Banner Adv

c 300x600 (Middle)

RECENT POSTS

  • उत्तराखण्ड में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली का परीक्षण October 9, 2026
  • भांग, अफीम, गांजा और चरस की खेती व कारोबार मिलने पर संबंधित पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी होंगे जिम्मेदार October 9, 2026
  • मतदाता सूची से वंचित पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान October 7, 2026

You may have missed

उत्तराखण्ड में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली का परीक्षण
  • UTTARAKHAND NEWS

उत्तराखण्ड में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली का परीक्षण

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) October 9, 2026
भांग, अफीम, गांजा और चरस की खेती व कारोबार मिलने पर संबंधित पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी होंगे जिम्मेदार
  • UTTARAKHAND NEWS

भांग, अफीम, गांजा और चरस की खेती व कारोबार मिलने पर संबंधित पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी होंगे जिम्मेदार

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) October 9, 2026
मतदाता सूची से वंचित पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान
  • UTTARAKHAND NEWS

मतदाता सूची से वंचित पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए चलेगा विशेष अभियान

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) October 7, 2026
आधुनिक तकनीक से समृद्ध होंगे उत्तराखण्ड के 2 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक
  • UTTARAKHAND NEWS

आधुनिक तकनीक से समृद्ध होंगे उत्तराखण्ड के 2 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) October 7, 2026
Copyright © All rights reserved. Subject to Dehradun Jurisdiction Only in case of any dispute. | MoreNews by AF themes.