Skip to content
final logo GALAXY

Banner 728x90
Primary Menu
  • Home
  • LATEST
  • UTTARAKHAND NEWS
  • NATIONAL NEWS
  • INTERNATIONAL NEWS
  • ARTICLES
  • STATES NEWS
  • CONTACT US
Live
  • Home
  • रिफॉर्म एक्सप्रेस 2025: भारत के अगले विकास चरण की शांत लेकिन मजबूत नींव-हरदीप एस पुरी
  • ARTICLES

रिफॉर्म एक्सप्रेस 2025: भारत के अगले विकास चरण की शांत लेकिन मजबूत नींव-हरदीप एस पुरी

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) December 30, 2025 1 minute read
Share This Post

जैसे-जैसे 2025 अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है, समाचार की बड़ी सुर्खियों पर आसानी से नजर जाती है, लेकिन कुछ बातें छूट जाती हैं, जैसे शासन का शांति से किया जा रहा कार्य – लगातार, सप्ताह दर सप्ताह अड़चनों का निपटारा – सुधार एक्सप्रेस 2025 से मेरा मतलब यही संचयी जोर है।

भारत का सांकेतिक जीडीपी लगभग 4.1 ट्रिलियन डॉलर की सीमा को पार कर गया और भारतीय अर्थव्यवस्था जापान को पीछे छोड़ते हुए विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई। स्टैण्डर्ड एंड पूअर्स ने 18 साल बाद भारत की सॉवरेन रेटिंग बीबीबी श्रेणी में की, जो संकेत है कि अर्थव्यवस्था की वृहद् गाथा ने केवल गति ही नहीं, बल्कि स्थायित्व भी हासिल किया है। एक अनिश्चित दुनिया में, जहाँ राजनीतिक उथल-पुथल आम बात हो गयी है, भारत का स्थिर नेतृत्व सुधारों को विश्वसनीय बनाता है और विश्वसनीय सुधार निजी सतर्कता को निजी निवेश में परिवर्तित करते हैं।

मैंने देखा है कि गैट और डब्ल्यूटीओ प्रणाली से लेकर बहुपक्षीय मंचों तक, नियम केवल उतने ही अच्छे होते हैं जितना कि वे प्रोत्साहन पैदा करते हैं। जब प्रक्रियाएँ अस्पष्ट होती हैं, तो विवेकाधिकार बढ़ जाता है और फिर अच्छी मंशा वाली नीति भी उद्यम को हतोत्साहित करती है। जब प्रक्रियाएँ स्पष्ट और समयबद्ध होती हैं, तो प्रतिस्पर्धा फलती-फूलती है, निवेश योजनाएँ लागू होती हैं और रोजगार सृजित होते हैं।

भारत का कुल निर्यात 2024-25 के दौरान 825.25 बिलियन डॉलर पर पहुँच गया, जो 6% से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर दर्शाता है। इस व्यापार की मात्रा का समर्थन करने के लिए, सरकार ने कई डिजिटल उपकरण पेश किये हैं, जैसे व्यापार कनेक्ट ई-प्लेटफ़ॉर्म, जो निर्यातकों के लिए एकल डिजिटल विंडो है और व्यापार खुफिया और विश्लेषण (टीआईए) पोर्टल, जो वास्तविक समय में बाजार डेटा प्रदान करता है।

भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता, जिस पर जुलाई 2025 में हस्ताक्षर हुए, ने भारतीय निर्यातकों के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया, जिसमें व्यापक शुल्क-मुक्त पहुंच और सेवा और कौशल आवागमन के लिए स्पष्ट मार्ग शामिल हैं। दिसंबर 2025 में, भारत ने ओमान के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे वस्तुओं, सेवाओं और निवेश के लिए एक रणनीतिक आर्थिक व्यवस्था मजबूत हुई। भारत ने न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता का भी समापन किया, जिससे भारत की पहुंच को उच्च मूल्य वर्ग वाले बाजारों में विस्तार मिला और अनुशासित, व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण समझौतों के लिए एक रूपरेखा स्थापित हुई।

भारत के स्टार्टअप क्षेत्र का विस्तार हुआ, जिसमें 2 लाख से अधिक सरकारी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप शामिल हैं और जिसने 21 लाख से अधिक नौकरियां सृजित करने में मदद की। डिजिटल वाणिज्य के लिए ओपन नेटवर्क (ओएनडीसी) ने 3.26 करोड़ से अधिक ऑर्डर पूरे किए, जिनमें औसतन प्रतिदिन 5.9 लाख से अधिक लेनदेन हुए। इसके अतिरिक्त, सरकार की ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) का संचयी लेनदेन 16.41 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया, जिसमें 11 लाख सूक्ष्म और लघु उद्यमों को 7.35 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के ऑर्डर मिले।

भारत ने वैश्विक नवाचार सूचकांक में भी अपनी स्थिति में सुधार किया और 139 अर्थव्यवस्थाओं में 38वें स्थान पर पहुँच गया। व्यवसाय संचालन को सरल बनाने के प्रयासों के परिणामस्वरूप 47,000 से अधिक अनुपालन कम हुए और 4,458 कानूनी प्रावधान अपराध मुक्त हुए। नवंबर के अंत तक, राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली ने 8.29 लाख से अधिक अनुमोदनों को संसाधित किया। अवसंरचना योजना में भी बदलाव देखने को मिला, क्योंकि पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को निजी क्षेत्र के लिए खोला गया और परियोजना निगरानी समूह पोर्टल ने 3,000 से अधिक परियोजनाओं को शामिल किया है, जिनका कुल मूल्य 76 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

विश्वास-आधारित शासन को अपनाते हुए, संसद ने निरस्तीकरण और संशोधन विधेयक 2025 पारित किया, जिससे 71 पुराने अधिनियमों को हटा दिया गया, जो अपनी उपयोगिता पूरी कर चुके थे। व्यवसाय करने में आसानी भी जिले स्तर की सुधार रूपरेखाओं के माध्यम से उद्यमियों के करीब आई, जिसमें जिला व्यवसाय सुधार कार्य योजना 2025 शामिल है, जिसका उद्देश्य स्थानीय प्रशासन को अधिक उत्तरदायी, पूर्वानुमान योग्य और जिम्मेदार बनाना है।

आधुनिक श्रम प्रणाली पैमाने, विनिर्माण और एक ऐसी सेवा अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, जो नौकरियों को औपचारिक बनाना चाहती है और सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना चाहती है। 21 नवंबर 2025 से लागू हुई 4 श्रम संहिताओं के साथ, 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को पारिश्रमिक, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा को कवर करने वाली सरल रूपरेखा में समेकित किया गया है।

प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक पेश किया गया ताकि प्रतिभूति कानून को आधुनिक बनाया जा सके और सेबी की जांच और प्रवर्तन क्षमता को मजबूत किया जा सके। इस विधेयक में विशेष बाजार न्यायालयों, नियामकों के साथ सूचना साझा करने की मजबूत व्यवस्था और समयबद्ध शिकायत निवारण के प्रस्ताव शामिल हैं। ऐसे समय में जब खुदरा भागीदारी बढ़ी है और भारत वैश्विक पोर्टफोलियो की अधिक रूचि आकर्षित कर रहा है, नियामक स्पष्टता राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बन जाती है, जिससे बचत का प्रवाह उपयोगी निवेश की ओर होता है।

लॉजिस्टिक्स एक अन्य क्षेत्र है, जहां लागतों में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई देता है और 2025 में व्यापार के समुद्री घटक को आधुनिक बनाने के लिए एक पहल की गई। भारत का व्यापार मात्रा के आधार पर लगभग 95% और मूल्य के आधार पर लगभग 70% समुद्री मार्गों से होता है, इसलिए पत्तन और पोत परिवहन की दक्षता एक प्रतिस्पर्धात्मक मुद्दा है। औपनिवेशिक युग की व्यवस्था की जगह पर भारतीय पत्तन अधिनियम 2025 पेश किया गया, जिसने आधुनिक शासन उपकरण पेश किए, जिसमें राज्य स्तर पर विवाद समाधान, एक वैधानिक समन्वय परिषद, और सुरक्षा, आपदा तैयारी, और पर्यावरण तैयारी पर कड़े नियम शामिल हैं। व्यवसायी पोत परिवहन अधिनियम 2025 और समुद्री मार्ग माल परिवहन अधिनियम 2025 ने पोत परिवहन कानून को और आधुनिक बनाया; नियम, जिम्मेदारी और विवाद व्यवस्था अद्यतन हुए, जिनमें समकालीन वाणिज्य की झलक मिलती है।

कैबिनेट ने जहाज निर्माण को मजबूत करने के लिए 69,725 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी, जिसमें 25,000 करोड़ रुपये का समुद्र विकास कोष तथा वित्तीय सहायता और विकास के घटक शामिल हैं। यह मंजूरी एक बड़े उद्देश्य की ओर इशारा करती है: औद्योगिक सुदृढ़ता का निर्माण करना, निर्भरता कम करना और समय के साथ माल मूल्य को भारत के भीतर बनाए रखना। आदर्श अर्थ में यह औद्योगिक नीति है, एक ऐसे इकोसिस्टम का निर्माण, जहां निजी पूंजी स्पष्ट जोखिम रूपरेखा के साथ प्रवेश कर सके, और जहां नौकरियां केवल पत्तनों में ही नहीं बल्कि शिपयार्ड, घटक, इंजीनियरिंग और सेवाओं में भी पैदा होती हैं।

ऊर्जा सुधार भी दीर्घकालीन निवेश के लिए डिजाईन किये गए थे। तेलक्षेत्र संशोधन और नई पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियमावली 2025 ने पट्टे की अवधि के दौरान शर्तों की स्थिरता पर जोर देकर निवेशक जोखिम को कम करने का प्रयास किया, परियोजना जीवन चक्र के दौरान एकल पेट्रोलियम पट्टे की ओर कदम बढ़े और अनुमोदनों के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की गयी। खुला क्षेत्र लाइसेंस नीति ने अन्वेषण मानचित्र को और विस्तारित किया, जिसमें चरण एक्स ने लगभग 0.2 मिलियन वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में 25 ब्लॉक्स की पेशकश की, जो मुख्य रूप से समुद्री क्षेत्रों में थे, जिसमें गहरे पानी और अत्यधिक गहरे पानी की संभावनाएं शामिल थीं। इसके साथ ही, राष्ट्रीय गहरे पानी अन्वेषण मिशन ने जटिल अन्वेषण में घरेलू संसाधनों, प्रौद्योगिकी और क्षमता पर रणनीतिक ध्यान का संकेत दिया।

सुधार एक्सप्रेस 2025 में रणनीतिक ऊर्जा और प्रौद्योगिकी का एक आयाम भी शामिल था। बजट 2025 में नाभिकीय ऊर्जा मिशन की रूपरेखा पेश की गयी, जिसमें छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर्स और अन्य उन्नत डिज़ाइनों को तेज़ी से विकसित करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जो 2047 तक 100 गीगावॉट नाभिकीय क्षमता हासिल करने और 2033 तक 5 स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किए गए चालू छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर्स की क्षमता निर्मित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है। शांति विधेयक भारत के नागरिक परमाणु रूपरेखा के आधुनिकीकरण और सावधानीपूर्वक विनियमित निजी भागीदारी के लिए मार्ग खोलने में एक बड़ा कदम है। नाभिकीय ऊर्जा ग्रिड में स्थिर, कम कार्बन ऊर्जा देती है तथा उन्नत निर्माण, डेटा अवसंरचना, और ऊर्जा-गहन उद्योगों को अधिक आत्मविश्वास के साथ विकसित करने की भारतीय क्षमता को मजबूत करती है।

इन सुधारों को मिलाकर देखा जाए तो एक पैटर्न दिखाई देता है: कानूनों को सरल बनाना, मामूली अपराधों को अपराधमुक्त करना, श्रम अनुपालन को आधुनिक बनाना, बाजार शासन को मजबूत करना, व्यापार प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण करना, लॉजिस्टिक्स की कमियों को दूर करना और लंबी अवधि के ऊर्जा निवेश में जोखिम कम करना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार यह कहते रहे हैं कि राज्य का काम उद्यमियों को बोझ को कम करना है, ताकि उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि हो। यही सुधार एक्सप्रेस 2025 का रणनीतिक अर्थ है। दो अंकों वाली अगली विकास दर की शुरुआत इसी शांत, सतत कार्य में की गई है, और भारत इसे उस स्थिरता के साथ कर रहा है, जिसे कई अर्थव्यवस्थाओं ने खो दिया है।

(लेखक : हरदीप एस पुरी , भारत सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं)

About the Author

Avatar

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics)

Administrator

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: कलयुगी बेटी-पौत्र की मारपीट से पीड़ित 75 वर्षीय बुजुर्ग चम्पा को डीएम ने दिलाया न्याय
Next: अटल स्मृति सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्व.अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन को किया स्मरण

Related Stories

बंगाल ने खुद को फिर से ढूंढ़ लिया – हरदीप सिंह पुरी
  • ARTICLES
  • UTTARAKHAND NEWS

बंगाल ने खुद को फिर से ढूंढ़ लिया – हरदीप सिंह पुरी

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) May 11, 2026
आस्था, संकल्प और पुनर्जागरण की अनंत धारा सोमनाथ के 1000 वर्ष
  • ARTICLES
  • UTTARAKHAND NEWS

आस्था, संकल्प और पुनर्जागरण की अनंत धारा सोमनाथ के 1000 वर्ष

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) May 10, 2026
सोमनाथ और भारत की अजेय भावना! – नरेंद्र मोदी
  • ARTICLES

सोमनाथ और भारत की अजेय भावना! – नरेंद्र मोदी

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) May 7, 2026

Video Adv

https://galaxyinformer.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-COMPRESS-2-4-Year-Journey-2026-2-Min-video-converter.com_.mp4

RECENT POSTS

  • उत्तराखण्ड में ..वर्क फ्रॉम होम, नो व्हीकल डे, एक अधिकारी एक वाहन.. May 13, 2026
  • आकाशवाणी के 90 वर्ष: देहरादून में शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय संगीत संध्या आयोजित May 13, 2026
  • कामाख्या देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की मुख्यमंत्री धामी ने May 12, 2026

You may have missed

उत्तराखण्ड में ..वर्क फ्रॉम होम, नो व्हीकल डे, एक अधिकारी एक वाहन..
  • UTTARAKHAND NEWS

उत्तराखण्ड में ..वर्क फ्रॉम होम, नो व्हीकल डे, एक अधिकारी एक वाहन..

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) May 13, 2026
आकाशवाणी के 90 वर्ष: देहरादून में शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय संगीत संध्या आयोजित
  • UTTARAKHAND NEWS

आकाशवाणी के 90 वर्ष: देहरादून में शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय संगीत संध्या आयोजित

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) May 13, 2026
कामाख्या देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की मुख्यमंत्री धामी ने
  • UTTARAKHAND NEWS

कामाख्या देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की मुख्यमंत्री धामी ने

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) May 12, 2026
बंगाल ने खुद को फिर से ढूंढ़ लिया – हरदीप सिंह पुरी
  • ARTICLES
  • UTTARAKHAND NEWS

बंगाल ने खुद को फिर से ढूंढ़ लिया – हरदीप सिंह पुरी

Admin - Er. Kapil Garg (B.E.Electronics) May 11, 2026
Copyright © All rights reserved. Subject to Dehradun Jurisdiction Only in case of any dispute. | MoreNews by AF themes.